रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को बीजापुर जिले के कुटरू में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में 8 जवानों सहित एक वाहन चालक के शहीद होने की दुःखद घटना पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेरी संवेदनाएं शहीदों के परिजनों के साथ है। ईश्वर से शहीद जवानों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान से नक्सली हताश हैं और विचलित होकर ऐसी निंदनीय और कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और नक्सलवाद के खात्मे के लिए हमारी यह लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी।
ज्ञात हो कि बीजापुर के कुटरू मार्ग में नक्सलियों ने जवानों के वाहन पर आईईडी ब्लास्ट किया है। हादसे में नौ जवान बलिदान हो गए हैं। वहीं कई जवान घायल बताए जा रहे हैं। वाहन में कुल कितने जवान सवार थे इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिली है।
बताया जा रहा है कि जवान नक्सल ऑपरेशन से वापस लौट रहे थे इस दौरान कुटरु मार्ग में नक्सलियों ने घात लगाकर आईईडी ब्लास्ट किया है। छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सल ऑपरेशन से नक्सली बौखलाए हुए हैं जिसके चलते नक्सलियों ने जवानों को निशाना बनाया है। लगभग तीन किलो का आईईडी विस्फोटक था, जिससे वाहन के परखच्चे उड़ गए।
मिली जानकारी के मुताबिक जवान पंखाजूर में नक्सल ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद वहां से वापस लौट रहे थे। फोर्स ने पखांजूर ऑपरेशन में रविवार को पांच नक्सलियों को ढेर कर दिया था। इसके बाद सोमवार को जवान वापस लौट रहे थे। इस दौरान नक्सलियों ने घात लगाकर आईईडी विस्फोट कर वाहन को उड़ा दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक आठ जवान गंभीर रूप से घायल हैं। घायल जवानों को विमान से बस्तर लाया जाएगा। इसके बाद वहां से रायपुर लाने की तैयारी है। छह से ज्यादा वाहनों में अतिरिक्त बल मौके पर भेजा गया। दंतेवाड़ा से अतिरिक्त बल रवाना किया गया है।
दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों के सीमावर्ती इलाकों में तीन दिनों से नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था जिसमें पांच माओवादियों के शव मिले और एक जवान बलिदान हो गया। इसके बाद जब टीम वापस लौट रही थी तो बीजापुर जिले के अंबेली इलाके में माओवादियों ने एक आईईडी लगाया था, जिसकी चपेट में हमारे सुरक्षाबलों का एक वाहन आ गया, जिसमें आठ जवान और एक ड्राइवर बलिदान हो गए।
















