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अमेरिका में फिर बजा भारत का डंका: भारतीय मूल की मनप्रीत मोनिका सिंह बनीं पहली सिख महिला जज

मनप्रीत मोनिका सिंह 20 सालों से वकालत कर रही थीं, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई नागरिक अधिकार संगठनों से भी जुड़ी रही हैं, उनके शपथ समारोह में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग मौजूद रहे…

नईदिल्ली (ए)। अमेरिका में एक बार फिर भारत का परचम लहराया है. यहां भारतीय मूल की मनप्रीत मोनिका सिंह ने हैरिस काउंटी में न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है. इसी के साथ वह न्यायाधीश बनने वाली अमेरिका में पहली सिख महिला बन गईं हैं। मनप्रीत मोनिका सिंह का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका के टेक्सास प्रांत के ह्यूस्टन में हुआ था. अब वह अपने पति और दो बच्चों के साथ बेलेयर में रहती हैं. उन्होंने शुक्रवार को टेक्सास में लॉ नंबर-4 में हैरिस काउंटी सिविल कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।

20 साल से कर रहीं थी वकालत: मोनिका सिंह के पिता भारतीय थे. वह 1970 के दशक की शुरुआत में इंडिया से अमेरिका चले गए थे. मोनिका सिंह 20 सालों से वकील के रूप में काम कर रही थीं. वह राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई नागरिक अधिकार संगठनों से भी जुड़ी रही हैं. मनप्रीत मोनिका सिंह ने अपने शपथ समारोह में कहा कि ‘यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि मैं ह्यूस्टन का प्रतिनिधित्व करती हूं, इसलिए हम इसके लिए खुश हैं।

सिख समुदाय के लिए बड़ा क्षण: मनप्रीत मोनिका सिंह के शपथ समारोह की अध्यक्षता राज्य के पहले दक्षिण एशियाई न्यायाधीश व भारतीय-अमेरिकी न्यायाधीश रवि सैंडिल ने की. शपथ समारोह के दौरान कोर्टरूम में भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे. न्यायाधीश सैंडिल ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा, ‘सिख समुदाय के लिए यह वास्तव में एक बड़ा क्षण है. मनप्रीत न केवल सिखों के लिए एक राजदूत हैं, बल्कि वह सभी रंग की महिलाओं के लिए एक राजदूत हैं।

अमेरिका में सिखों की संख्या करीब 5 लाख: एक अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में सिखों की संख्या करीब 5 लाख है. इनमें से करीब 20 हजार सिख ह्यूस्टन एरिया में रहते हैं. ह्यूस्टन के मेयर सिल्वेस्टर टर्नर ने कहा कि यह सिख समुदाय के लिए ही नहीं, बल्कि हर रंग के सभी लोगों के लिए भी गर्व का दिन है, जो कोर्ट की विविधता में ह्यूस्टन शहर की विविधता को देखते हैं

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