भिलाई। कोहका, कृपा नगर निवासी तथा बीएसपी के पूर्व कर्मी राघो प्रसाद, उम्र 78 वर्ष का इलाज भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय जेएलएन अस्पताल में इलाज चल रहा है। विदित हो कि मरीज बुखार की षिकायत के साथ सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती हुआ था। मरीज पूर्व से ही किडनी के बीमारी से ग्रसित होने के कारण इसे यूरिन इंफेक्षन का केस रूप में नेफ्रोलाॅजी विभाग द्वारा जांच किया जा रहा था। इस संदर्भ में सेक्टर-9 के चिकित्सकों ने यह पाया कि मरीज का प्लेटलेट्स निरन्तर गिर रहा है। अतः उन्होंने डेंगू हेतु मरीज का एनएस-1 जांच कराया और रिपोर्ट पाॅजीटिव आने के पष्चात् मरीज को डेंगू के इलाज हेतु डेंगू वार्ड में भेज दिया गया। उनके डेंगू की रिपोर्ट आने के पष्चात इसका नोटिफिकेषन जिला चिकित्सालय को भेज दिया गया है।
इस संदर्भ में ज्ञात हो कि स्वयं मरीज राघो प्रसाद ने बताया कि उन्हें डेंगू सेक्टर-9 अस्पताल के वार्ड में मच्छर काटने से नहीं हुआ है बल्कि वे पहले से ही बुखार के साथ भर्ती हुये थे। बीएसपी अस्पताल पर लगने वाले सभी आरोपों को मरीजों ने सिरे से खारिज कर दिया। राघो प्रसाद सहित वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों ने बताया कि उनका वार्ड वातानूकुलित होने के साथ-साथ सभी खिड़कियों में मच्छर से बचाव हेतु नेट का भी प्रावधान किया गया है। वार्ड में ढूंढने पर भी मच्छर नहीं मिलते है। अतः बीएसपी अस्पताल में इलाज के दौरान डंेगू होने का कोई प्रष्न ही नहीं उठता। राघो प्रसाद ने बताया कि सेक्टर-9 अस्पताल में उनका इलाज बेहतर ढंग से चल रहा है। साथ ही उनके स्वास्थ्य में निरन्तर सुधार हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि सेक्टर-9 अस्पताल में साफ-सफाई पर विषेष ध्यान केंद्रित किया गया है। मरीजों को बेहतर इलाज देने हेतु अस्पताल प्रबंधन कृत संकल्पित है। डेंगू रोकथाम हेतु संयंत्र प्रबंधन ने भी निरन्तर कदम उठाये हैं। भिलाई टाउनषिप में टेमीफाॅस दवा का वितरण से लेकर कूलर आदि में ठहरे हुए पानी की जांच तथा दवा का छिड़काव व फाॅगिंग कार्य निरन्तर किये जा रहे है। यही वजह है कि भिलाई टाउनषिप में प्रारम्भिक 2 डेंगू मरीजों के बाद कोई भी केस डेंगू का नहीं आया है। भिलाई इस्पात संयंत्र अपने प्रयासों में निरन्तर तेजी ला रहा है। यही वजह है कि भिलाई टाउनषिप में अब डेंगू के विस्तार पर ब्रेक लग चुका है।














