
भिलाई। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील ट्रक ट्रेलर ऑनर एसोसिएशन के संरक्षक प्रभुनाथ बैठा ने बताया की डीजल रेट में बेतहाशा वृद्धि पर अंकुश लगाने एवं पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तरह माल भाड़े में किलोमीटर के हिसाब से गाड़ियों के भाड़े तय करने को लेकर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के समर्थन में छत्तीसगढ़ प्रगतिशील ट्रक ट्रेलर ऑनर एसोसिएशन डबरा पारा ट्रांसपोर्ट नगर चौक पर एकजुट होकर केंद्र सरकार के वादाखिलाफी के तहत आज काला दिवस मनाया।
सभी लोगों ने अपने हाथों में काली पट्टी बांध तथा 5000 काला झंडा गाड़ियों में बांधा गया बड़ी बात यह रही कि काले झंडे को गाड़ियों से उतर कर चालक झंडा खुद अपने हाथों से अपने गाड़ियों में बांधकर विरोध का समर्थन किया 2:00 बजे जिलाधीश दुर्ग को ज्ञापन सौंपा गया।
जिसमे छत्तीसगढ़ प्रगतिशील ट्रक ट्रेलर ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखचैन सिंह सुखा, संरक्षक इंदरजीत सिंह छोटू, प्रभुनाथ बैठा , हरेंद्र यादव ,छत्तीसगढ़ जामुल ट्रक मालिक संघ के अध्यक्ष सीता सिंह ,ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस छत्तीसगढ़ इकाई के प्रतिनिधि बलजिंदर सिंह , छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के भिलाई अध्यक्ष पंकज सेठी , महासचिव विनोद सिंह , पूर्व प्रतिनिधि जसवंत सिंह सैनी , पूर्व भिलाई जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह सैनी , ट्रांसपोर्ट नगर कल्याण विकास समिति के महासचिव इंदरजीत सिंह सैनी , भोजपुरी परिषद के संरक्षक मृत्युंजय भगत, पंकज सिंह , पूर्व अध्यक्ष दुर्गा पटेल ,सत्येंद्र शर्मा ,सलाहकार सुखवंत सिंह शम्भू नाथ बैठा ,राजकुमार निर्मलकर , गुरप्रीत सिंह धींगरा , अरुण कुमार बैठा , रविंद्र भारती , लाडी जी , रोमी सिंह , सुखदेव सिंह, भजन सिंह , अमरपाल सिंह, गोपी अरोरा के अलावा भारी संख्या में लोग उपस्थित थे
समस्त ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ,व गाड़ी मालिक डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी एवं सड़क परिवहन क्षेत्र की बिगड़ती स्थिति के कारण देश के करोड़ों नागरिकों की स्थिति बद से बदतर हो गई है । लगभग 85 परसेंट से अधिक ट्रांसपोर्टर छोटे ऑपरेटर हैं जिनके पास एक से पांच वाहन है वे अपनी आजीविका खो रहे हैं और अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं । एनपीए में लगातार वृद्धि हुई है और वित्तीय संस्थानों की ओर से परिवहन वाहनों की वसूली और जब्ती के लिए दबाव भी बढ़ रहा है केंद्र सरकार उनकी दुर्दशा के प्रति उदासीन बनी हुई है । ब्लैक मोरटोरियम बीमा के विस्तार अन्य करो और शुल्क में अपने अधिकारियों के माध्यम से सड़कों पर भ्रष्टाचार में कोई राहत नहीं दी है , मौजूदा संकट से निपटने के लिए कार्रवाई करने और एक ठोस निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया है । डीजल के कीमतों में लगातार वृद्धि और परिवहन बिरादरी की दुर्दशा के प्रति सरकार की उदासीनता के मुद्दे पर जिसमें सड़क परिवहन व्यवसाय जो अस्तित्व और जीविका के लिए संघर्ष कर रहा है । हम केंद्र सरकार से निम्नलिखित मांग की गई ,
1) केंद्र सरकार और राज्यों द्वारा डीजल पर उत्पाद शुल्क और वैट में कटौती करे ।
2) डीजल और पेट्रोल को जीएसटी के तहत लाना ताकि पूरे देश में डीजल और पेट्रोल का रेट एक हो
3) डीजल और पेट्रोल की कीमतों का तिमाही मासिक संशोधन की जावे ।
4) पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तरह माल भाड़े को भी किलोमीटर के हिसाब से केंद्र व राज्य सरकार तय करें।
5)मौजूदा परिदृश्य में 6 महीने के लिए ईएमआई मोरटोरियम की घोषणा की जाए
7) ई वे बिल की वैधता के लिए निर्धारित समय सीमा को एक दिन मे 100 किलोमीटर के लिए पहले की तरह बहाल किया जाना चाहिए ।
8) पुलिस आरटीओ और जीएसटी अधिकारियों के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगना चाहिए ।
9) सड़क परिवहन क्षेत्र के अन्य लंबित मुद्दे तुरंत हल किए जाएं ।
10) केंद्रीय परिवहन मंत्री द्वारा घोषित टोल नाके फ्री करने पर अमल किया जाए ।
उपरोक्त सभी विषयों पर सरकार को तुरंत समाधान करे अन्यथा भारत की सड़क परिवहन बिरादरी के पास व्यवसाय को रोकने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा।















