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रसोई गैस ना मिलने से आक्रोशित हुए उपभोक्ता, शताक्षी गैस एजेंसी के गोडाउन पहुंचकर रोड किया जाम

भिलाई 03। शहर और आसपास के क्षेत्रों में रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ दिनों से गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण उपभोक्ताओं को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, फिर भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। अब तो ऐसा हो गया है कि लोगों के सब्र का बांध भी टूट रहा है, इसका नजारा मंगलवार को देखने को मिला जब सैकड़ों की संख्या में उपभोक्ताओं ने न्यू खुर्सीपार स्थित शताक्षी गैस एजेंसी के गोडाउन के सामने जमकर हंगामा किया।

मिली जानकारी के मुताबिक पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित ग्राम करसा नाला के पास शताक्षी गैस एजेंसी का गोडाउन के सामने मंगलवार की सुबह सैकड़ों की संख्या में पहुंचे उपभोक्ताओं ने सड़क पर गैस सिलेंडर रखकर कुछ देर तक सड़क को बाधित कर दिया और गैस ना मिलने के कारण जमकर हंगामा किया। इसकी सूचना पुलिस को मिलते ही छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा, पुरानी भिलाई थाना प्रभारी अम्बर सिंह भारद्वाज, आरक्षक राजकुमार सिंह, ईश्वर भारद्वाज, बंटी सिंह आदि मौके पर पहुंचे।

सीएसपी ने मौजूद लोगों को समझाया और एजेंसी के मैनेजर से बात की, 9 अप्रैल तक सभी को गैस सिलेंडर देने की बात पर सहमति बनी तब उपभोक्ताओं का गुस्सा शांत हुआ। हंगामा करने वाले उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी प्रबंधन द्वारा उपभोक्ताओं को तारीख पर तारीख दी जा रही थी डिलीवरी के लिए, 7 अप्रैल को भी डिलेवरी की डेट दी गई थी पर गैस ना मिलने उपभोक्ता गोडाउन पहुंच गए। इसके पूर्व भी उपभोक्ताओं ने हंगामा किया था तब भी समझाइश दी गई लेकिन गैस एजेंसी का रवैया जस का तस रहा। गैस एजेंसी की लगातार शिकायत प्रशासन को भी की जा रही है।

गत दिनों प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय ने भी प्रदेश में पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध होने की बात कही थी, दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने भी सभी गैस एजेंसियों की बैठक लेकर व्यवस्था बनाने और कलाबाजी ना करने की सख्त हिदायत दी था इसके बाद भी कई गैस एजेंसी अपने आदत से बाज़ नहीं आ रहे है। प्रशासन भले ही पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध होने की बात कह रही है लेकिन आम उपभोक्ताओं तक सिलेंडर तय समय पर नहीं पहुंच पा रहा है ये हकीकत है। मंगलवार को हुए सैकड़ों उपभोक्ताओं के हंगामा से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में गैस एजेंसी कैसे प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखा रहे है और उनके दावे को गलत साबित कर रहे है।

मिडल ईस्ट में जारी तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से ईंधन की आपूर्ति प्रभावित तो हुई है, पर इतना भी नहीं कि आम लोगों को रसोई गैस के लिए इतना लंबा इंतजार करना पड़े। कई गैस एजेंसियां इसके आड़ में कालाबाजारी करने में लगे है। जानकारी ये भी है कि बड़े लोगों और पैसेवालों को आसानी से रसोई गैस मिल जा रहा है, वहीं माध्यम और गरीब उपभोक्ताओं को इसके लिए कई दिनों तक इतंजार करना पड़ रहा है और लंबी लाइन लगानी पड़ रही है।

समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है। कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी या वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है। खासकर कामकाजी महिलाओं और बुजुर्गों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि भारत में एलपीजी का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।

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