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दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

बीएसपी कार्मिकों के पद्दोन्नति हेतु संशोधित गैर कार्यपालक प्रमोशन पालिसी लागू करने हेतु प्रबंधन एवं स्टील इम्पलाईज यूनियन के मध्य बनी सहमति

 

भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा संशोधित “गैर कार्यपालक प्रमोशन पालिसी (एनईपीपी)” लागू करने हेतु आज दिनांक 25 जून, 2021 को मान्यता प्राप्त यूनियन (स्टील इम्पलाईज यूनियन) के पदाधिकारियों एवं भिलाई इस्पात संयंत्र के पदाधिकारियों द्वारा “रिकॉर्ड नोट आफ डिस्कशन (आरएनडी) पर इस्पात भवन सभागार में हस्ताक्षर किया गया। इस प्रकार “गैर कार्यपालक प्रमोशन पाॅलिसी (एनईपीपी)” गैर कार्यपालकों के पदोन्नति को गति देने का रास्ता साफ हुआ।

एनईपीपी के लागू होने से कार्मिकों के मनोबल में होगी वृद्धि

आज इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रबंधन की तरफ से इस कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन), सुरेश कुमार दुबे, मुख्य महाप्रबंधक (कार्मिक), निशा सोनी, महाप्रबंधक (कार्मिक), अशोक कुमार साहू, शिजा मैथयू, सूरज कुमार सोनी, जे. एन. ठाकुर, अनुराधा सिंह, शिखा दुबे, संतोष कुमार, उप महाप्रबंधक (कार्मिक) अजय कुमार एवं प्रबंधक (कार्मिक) आर. पी वसंत कुमार, शामिल हुए। स्टील इम्पलाईज यूनियन की तरफ से इस कार्यक्रम में स्टील इम्प्लाइज यूनियन कार्यकारी अध्यक्ष, पिजुश कर, महासचिव, एस के बघेल एवं स्टील इम्प्लाइज यूनियन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण शामिल हुए।
कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) सुरेश कुमार दुबे, ने उम्मीद जताई की इस संशोधित “गैर कार्यपालक प्रमोशन पालिसी (एनईपीपी)” के लागू होने से कार्मिकों के मनोबल में वृद्धि होगी जिससे सभी कार्मिक सामूहिक रूप से भिलाई इस्पात संयंत्र को एक बार फिर से सेल का ध्वजवाहक यूनिट बनाने का प्रयास करेंगे।

पुरानी समस्याओं से मिलेगी निजात

विदित हो कि वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र में लागु “गैर कार्यपालक प्रमोशन पालिसी (एनईपीपी)” वर्ष 1985 में बनी थी, जिसे अस्सी के दशक के आखिरी वर्षों एवं नब्बे के दशक के प्रारंभिक वर्षों में संयंत्र के विभिन्न विभागों में लागू किया गया। समय के साथ इस नीति में कुछ समस्याएं उत्पन्न हुई जैसे रिक्तियों के अभाव में लंबे समय तक एक ही पद पर रूके रहना (स्टेगनेट रहना)।

गहन विचार विमर्श से नई नीति का निर्माण

वर्तमान नीति की समस्याओं का समाधान करने एवं सभी कार्मिकों को पद्दोन्नति के समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से पिछले वर्ष अप्रैल 2020 में कार्मिक विभाग ने वर्तमान “गैर कार्यपालक प्रमोशन पालिसी (एनईपीपी)” की समीक्षा हेतु एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति की बैठकों में सभी कार्मिकों को पद्दोन्नति का समान अवसर प्रदान करने, एक ही पद पर लंबे समय से पदस्त कर्मचारियों को पद्दोन्नति का अवसर प्रदान करने, पद्दोन्नति में कार्मिकों के निष्पादन व उपस्थिति को मूल आधार बनाने, कार्मिकों को प्रेरित कर उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने इत्यादी विषयों पर गहन विचार विमर्श किया गया।

समिति ने इस सभी विषयों पर गहन विचार विमर्श के पश्चात् एनईपीपी का प्रस्तावित प्रारूप 14 दिसंबर, 2020 को प्रबंधन के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रबंधन से अनुमति प्राप्त करने के पश्चात, प्रस्तावित “गैर कार्यपालक प्रमोशन पालिसी (एनईपीपी)” के प्रारूप को मान्यता प्राप्त यूनियन (स्टील इम्पलाईज यूनियन) के समक्ष दिनांक 6 जनवरी, 2021 को प्रस्तुत कर चर्चा प्रारंभ की गई। प्रारूप के कई अहम बिन्दुओ पर स्टील इम्पलाईज यूनियन के साथ कई दौर कि चर्चा के बाद प्रस्तावित “गैर कार्यपालक प्रमोशन पालिसी (एनईपीपी)” का अंतिम स्वरुप निर्धारित किया गया ।

एनईपीपी की मुख्य विशेषताएं

प्रस्तावित एनईपीपी की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैंः- वर्तमान पद्दोन्नति नीति की मौजूदा बाधाओ को दूर करना। प्रत्येक कार्मिक को पद्दोन्नति के लिए समान अवसर प्रदान करना। कार्मिकों को एक समान सम्मानजनक पदनाम प्रदान करना। पद्दोन्नति के लिए कार्मिक के निष्पादन और उपस्थिति को मूल आधार बनाना। आपरेशन एवं मेंटेनेंस समूहों के बीच टीम भावना को और मजबूत करना। कार्मिकों को अभिप्रेरित कर उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करना आदि।

संशोधित नीति 31 दिसम्बर, 2020 से होगी प्रभावी

यह संशोधित “गैर कार्यपालक प्रमोशन पालिसी (एनईपीपी)” भिलाई इस्पात संयंत्र के वर्क्स एवं नाॅन-वर्क्स क्षेत्रो में कार्यरत् कार्मिकों के लिए बनाई गई है। यह संशोधित नीति नोशनली दिनांक 31 दिसम्बर, 2020 से प्रभावी होगी एवं इसे चरणबद्ध तरीके से विभिन्न विभागों में लागू किया जायेगा ।

एनईपीपी का अंतिम स्वरुप पर भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की सहमति पर हस्ताक्षर के पश्चात् आज ही दिनांक 25 जून, 2021 को अन्य प्रमुख यूनियनो के पदाधिकारियों को संशोधित “गैर कार्यपालक प्रमोशन पालिसी (एनईपीपी)” के संबंध में जानकारी दी गई। इसमें भारतीय मजदूर संघ, इस्पात श्रमिक मंच एवं भिलाई वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारीगण शामिल हुए।

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