आज मां दुर्गा को समर्पित चैत्र नवरात्रि का छठा दिन है. नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी की पूजा को समर्पित होता है. नवरात्रि में सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से पाप नष्ट होते हैं. इससे मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है. मां दुर्गा की कृपा से जीवन में सुख, खुशहाली, धन, वैभव और समृद्धि का आगमन होता है. नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा से भक्तों को साहस और विजय की प्राप्ति होती है. आज 24 मार्च को चैत्र नवरात्रि के छठे दिन के पूजा मुहूर्त, मंत्र और आरती के बारे में जानते हैं…
नईदिल्ली (ए)। चैत्र नवरात्र के छठें दिन मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप का पूजन किया जाता है। मां कात्यायनी को आदिशक्ति का अत्यंत शक्तिशाली स्वरूप माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री रूप में जन्म लिया, इसलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां दुर्गा के इस स्वरूप की उपासना करने से भक्तों को साहस, धर्म और विजय की प्राप्ति होती है। अगर आप नवरात्रि के छठें दिन अपने मित्रों और सगे-संबंधियों तक मां कात्यायनी का आशीष और बधाई पहुंचाना चाहते हैं, तो यहां दी गईं चुनिंदा नवरात्रि विशेज और मैसेज आप उनके साथ शेयर कर सकते हैं।
मां कात्यायनी का स्वरूप
- मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत आकर्षक और तेज से परिपूर्ण है. उनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला बताया गया है.
- वाहन – सिंह
- चार भुजाएं हैं, जिसमें तलवार, कमल लिए हैं. एक हाथ अभय मुद्रा और दूसरा वर मुद्रा में है.
- देवी पुराणों, विशेष रूप से देवी भागवत पुराण में इनके स्वरूप का वर्णन दिव्य, तेजपूर्ण और युद्धशील देवी के रूप में किया गया है.
मां कात्यायनी की पूजा के लाभ
- देवी पुराण के अनुसार मां कात्यायनी की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और विशेष रूप से विवाह में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं.
- भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए वृंदावन की गोपियों ने भी कात्यायनी व्रत किया था. इसीलिए कुंवारी कन्याओं के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है.
- यह देवी राक्षसों के विनाश और अधर्म के अंत का प्रतीक भी हैं, इसलिए इनकी आराधना से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं.
- शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. आत्मबल और साहस में वृद्धि होती है
मां कात्यायनी की पूजा विधि
- सुबह स्नान करें और नारंगी रंग के कपड़े पहनें. इस दिन मंगलवार भी है ऐसे में ये रंग शुभ होगा.
- मां को नारंगी फूल जैसे गेंदा अर्पित करें. कुमकुम और अक्षत चढ़ाएं
- माता के समक्ष एक पान चढ़ाएं और अपनी मनोकामना कहते हुए देवी से प्रार्थना करें.
- माता की कथा पढ़ें और आरती करें. सुबह-शाम इसी विधि से देवी की आराधना करें.
- इस दिन दान में लोगों को संतरा, शहद, कपड़े, जूते-चप्पल आदि दान करें.
- मां कात्यायनी की पूजा के बाद विवाहितों को सुहाग की सामग्री भी दान देना चाहिए.
मां कात्यायनी का भोग
मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाना चाहिए. हलवा या मीठा पान भी भोग में अर्पित कर सकते हैं.
मां कात्यायनी का मंत्र
- मूल बीज मंत्र – “ॐ देवी कात्यायन्यै नमः”
- विवाह प्राप्ति के लिए विशेष मंत्र – “कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥”
- तांत्रिक (गूढ़) मंत्र – “ॐ ह्रीं क्लीं कात्यायन्यै नमः”
कैसे करें मंत्र जाप
- ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) मंत्र जाप का सबसे प्रभावी समय माना गया है.
- नवरात्रि के दौरान किया गया जाप कई गुना अधिक फल देता है.
- मंत्र का कम से कम 108 बार (एक माला) जाप करना चाहिए.















