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बीएसपी के सुरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने का एक प्रयास: “एडवांस सेफ्टी मानीटरिंग सिस्टम” का ईडी (वर्क्स) अंजनी कुमार ने किया उद्घाटन

भिलाई इस्पात संयंत्र ने सुरक्षा प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु निरन्तर प्रयास किया है। इसी कड़ी में बीएसपी के सेफ्टी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट द्वारा दिनांक 21 जून, 2021 को कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) के सभागार में “एडवांस सेफ्टी माॅनीटरिंग सिस्टम” का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) अंजनी कुमार ने बीएसपी के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग के “एडवांस सेफ्टी मानीटरिंग सिस्टम” का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बीएसपी मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सर्विसेस्) एस एन आबिदी, मुख्य महाप्रबंधक (सी एंड आईटी) पी के झा, सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी मुख्य महाप्रबंधक जी पी सिंह सहित विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधकगण तथा विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

एसईडी व सी एंड आईटी का संयुक्त प्रयास

विदित हो कि “एडवांस सेफ्टी मानीटरिंग सिस्टम” की संकल्पना कार्यकारी मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) जी पी सिंह ने की तथा सी एंड आईटी विभाग के मुख्य महाप्रबंधक पी के झा के मार्गदर्शन में उपमहाप्रबंधक (सी एंड आईटी) निधि चंद्राकर ने प्रबंधक (एस.ई.डी) अनुराग पाठक के सहयोग से इसे मूर्त रूप दिया।

सुरक्षा संवर्धन में मिलेगी मदद- ईडी (वर्क्स) अंजनी कुमार

इस सिस्टम को उद्घाटित करते हुए ईडी (वर्क्स) अंजनी कुमार ने कहा कि सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है यह “एडवांस सेफ्टी मानीटरिंग सिस्टम” एक बेहतरीन प्रणाली है जो हमारे सुरक्षा को और सुदृढ़ करने में सक्षम होगी। इस फूलप्रुफ सिस्टम से सुरक्षा संवर्धन में मदद मिलेगी। इस तरह के डिजिटल प्रयासों से हम सुरक्षा के डाटा विश्लेषण से लेकर सेफ्टी कंप्लायन्स तक बेहतर ढंग से मानीटर कर सकेंगे। मैं सेफ्टी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट व सी एंड आईटी विभाग की टीम को बधाई देता हूँ साथ ही आशा करता हूं कि वे भविष्य में और बेहतर कार्यों को अंजाम दें।

असुरक्षित परिस्थितियों व कार्यों को दूर करने का प्रयास

कार्यकारी मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) जी पी सिंह ने “एडवांस सेफ्टी माॅनीटरिंग सिस्टम” के स्पेशल फीचर्स व इसके फायदों को सदन के समक्ष रखते हुए बताया कि सेफ्टी इंस्पेक्शन को बेहतर बनाने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके माध्यम से अनसेफ कंडीशन, अनसेफ एक्ट आदि के पूर्व के फोटोग्राफ्स डाले जाते है तत्पश्चात इन बिदुओं पर कार्यवाही करने के पश्चात् इन असुरक्षित परिस्थितियों व कार्यों को दूर करने के बाद पुनः फोटोग्राफ्स डाले जाते है। इस प्रकार यह प्रणाली शत-प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होती है। इस प्रणाली के तकनीकी पक्ष को सदन के सामने प्रस्तुत किया उपमहाप्रबंधक (सी एंड आईटी) निधि चंद्राकर ने।

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र, सुरक्षा संवर्धन हेतु निरन्तर प्रयास कर रहा है। इस हेतु विभागीय सुरक्षा अधिकारी से लेकर सेफ्टी वारियर्स तक विविध मानवीय प्रयासों को अंजाम दिया गया है और कार्मिकों की सुरक्षा गतिविधियों में भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इन प्रयासों को मजबूती प्रदान करने हेतु डिजिटल प्रयासों को भी अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

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