पीएम मोदी ने गाजा में शांति की पहल का समर्थन करते हुए कहा, ‘शांति का मार्ग हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत इस क्षेत्र में संवाद, शांति और स्थिरता के लिए आपके और विश्व के साथ खड़ा है।’ उन्होंने 1.4 अरब भारतीयों की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा, ‘मैं मित्रता, सम्मान और साझेदारी का संदेश लेकर आया हूं…
नईदिल्ली (ए)। इजरायल की संसद ‘नेसेट’ ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया है। बता दें कि यह इजरायल की संसद का सर्वोच्च सम्मान है और पीएम मोदी दुनिया के पहले नेता हैं जिन्हें यह मेडल दिया गया है। इसके साथ ही पीएम मोदी दुनिया के उन चंद नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं जिन्हें इजरायल और फिलिस्तीन दोनों देशों के सर्वोच्च सम्मान मिल चुके हैं। वर्ष 2018 में उन्हें ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ प्रदान किया गया था, जो विदेशी नेताओं के लिए फिलिस्तीन का सबसे बड़ा सम्मान है।
‘स्पीकर ऑफ द कनेसेट मेडल’ इजरायल की संसद का सबसे बड़ा सम्मान है। यह केवल उन विश्व नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने इजरायल के साथ दोस्ती को नई ऊंचाई दी हो। यह पदक प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत नेतृत्व और भारत-इजरायल के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके असाधारण योगदान के सम्मान में दिया गया है। इस पदक से यह संदेश जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी व्यक्तिगत पहल से दोनों देशों के बीच रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में गहरे संबंध बनाए। इस पदक को भारत-इजरायल की मित्रता की नई मिसाल के तौर पर भी देखा जा रहा है।
बता दें कि पीएम मोदी ने इजरायल की संसद में बेहद ही शानदार संबोधन दिया। अपने पूरे संबोधन में उन्होंने भारत और इजरायल की दोस्ती से लेकर दोनों देशों के इतिहास पर विस्तार से बात की।
पीएम मोदी का संबोधन खत्म होते ही पूरी संसद तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सांसद खड़े होकर मोदी का सम्मान व्यक्त करने लगे। इजरायल की संसद में उस समय गजब का नजारा देखने को मिला जब वह भाषण देने के बाद सांसदों के बीच पहुंचे। पीएम मोदी के सांसदों के बीच पहुंचते ही हर कोई उनके साथ सेल्फी लेने के लिए लाइन लगाने लगा और उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ मच गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजरायल की संसद ‘नेसेट’ में एक जोरदार भाषण दिया। नेसेट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करता, ठीक वैसे ही जैसे इजरायल नहीं करता। उन्होंने कहा कि भारत की नीति आतंकवाद के खिलाफ एकदम साफ और मजबूत है। पीएम मोदी के भाषण के दौरान और बाद में भी इजरायल के सांसदों ने जमकर तालियां बजाईं। उस समय एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला जब भाषण के बाद पीएम मोदी इजरायली सांसदों के बीच गए तो सेल्फी लेने की होड़ मच गई।
बुधवार को नेसेट में दिए अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा, ‘नागरिकों की हत्या और आतंकवाद को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए दुनिया भर में लगातार और साथ मिलकर कार्रवाई की जरूरत है, क्योंकि कहीं भी आतंकवाद शांति के लिए खतरा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस समय भारत पूरी दृढ़ता के साथ इजरायल के साथ खड़ा है।’ उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए ‘बर्बर आतंकवादी हमले’ की कड़ी निंदा की और कहा, ‘हम आपके दर्द को महसूस करते हैं, हम आपके शोक में आपके साथ हैं।’
















