रायपुर। राज्य सरकार ने शनिवार को 56 प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। जिसमे दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अतुल विश्वकर्मा का तबादला रायपुर डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है।रायपुर के नए डिप्टी कलेक्टर अतुल विश्वकर्मा का चयन वर्ष 1997 के एमपीपीएससी में प्रथम प्रयास में ही नायाब तहसीलदार के लिए हुआ था। इनकी पहली पोस्टिंग वर्ष 1999 में बतौर नायाब तहसीलदार कुरूद (धमतरी) में हुई जहां इन्होंने वर्ष 2006 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2006 में इनका स्थानांतरण नायाब तहसीलदार गुंडरदेही (तब दुर्ग जिला) के लिए हुआ जहां इन्होंने वर्ष 2007 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2008 में इनका प्रमोशन तहसीलदार के लिए हुआ। प्रमोशन के साथ ही इनका तबादला अतिरिक्त तहसीलदार दुर्ग के लिए हुआ जहां इन्होंने 2009 तक अपनी सेवाएं दी।
वर्ष 2009 में इनका तबादला गुंडरदेही तहसीलदार के लिए हुआ जहां इन्होंने वर्ष 2013 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2013 में ही बालोद एक नया जिला बना। नए जिला बनने का इन्हें नए जिले को कैसे सेटअप करने और कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ। वर्ष 2013 में इनका स्थानांतरण धमतरी तहसीलदार के लिए हुआ जहां इन्होंने एक वर्ष अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2014 में इनका तबादला सरायपाली तहसीलदार के लिए हुआ जहां इन्होंने दो वर्ष अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2016 में इन्हें प्रमोट कर तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर बनाया गया। वर्ष 2016 से मार्च 2019 तक इन्हें राजनंदगांव एसडीएम के पद पर अपनी सेवाएं दी। राजनंदगांव एसडीएम का कार्य बहुत ही चुनौतीपूर्ण था उस वक्त यह जिला मुख्यमंत्री का जिला हुआ करता था। यहा का कार्यकाल विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था जिसे सफलता पूर्वक इनके द्वारा पूरा किया।
नौकरी के साथ साथ इन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और एमए (लोक प्रशासन) में किया साथ ही पीएचडी (जन समस्याओं के निवारण में प्रशासन की भूमिका का विश्लेषण ) भी पोलिटिकल साइंस में किये है। मार्च 2019 से अगस्त 2019 तक यह दुर्ग डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थ रहे और सितम्बर 2019 से परिवहन विभाग में प्रतिनियुक्ति पर दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी की जिम्मेदारी निभाई। अब राज्य सरकार ने इन्हें राजधानी के डिप्टी कलेक्टर की जिम्मेदारी सौपी है।













