डीआईजी एवं एसएसपी के दिशा निर्देशन में साइबर सेल अंबिकापुर एवं समस्त थाना/चौकी पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही…अभियान के दौरान कुल 525 नग मोबाइल कुल कीमती मशरुका लगभग 01 करोड़ रुपए हुआ बरामद…राजमोहनी भवन मे आयोजित कार्यक्रम मे डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा संबंधितो को किया गया वितरित…कार्यक्रम के दौरान नए आपराधिक क़ानून की प्रदर्शनी कर आमनागरिकों को नए क़ानून की अवधारणा से कराया गया अवगत…भविष्य मे भी सरगुजा पुलिस द्वारा ऐसा अभियान चलाकर गुमे हुए मोबाइल असल मालिकों कों किये जाएंगे सुपुर्द…
अंबिकापुर। जिले के विभिन्न थाना/चौकी में लगातार गुम मोबाइल फोन से संबंधित आवेदन प्राप्त हो रहे थे। इन आवेदनों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के दिशा निर्देशन मे साइबर सेल अंबिकापुर एवं समस्त थाना/चौकी पुलिस टीम द्वारा नागरिको के गुमे हुए मोबाइल फ़ोन कों खोजकर असल मालिकों कों पुनः वापस पहुचाये जाने हेतु विशेष अभियान की शुरुवात की गई थी, इसी क्रम मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों एवं नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के नेतृत्व मे साइबर सेल एवं जिले के समस्त थाना/चौकी पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस तकनीक की मदद से पिछले 05 महीने मे कुल 525 गुम मोबाइल फोन कुल कीमती लगभग 01 करोड़ रुपये का मशरुका वापस बरामद किया गया और मोबाइल धारको को सौपा गया।
इससे पूर्व सरगुजा पुलिस द्वारा अगस्त 2025 मे 60 नग गुमे हुए मोबाइल वापस को बरामद कर मोबाइल धारको को वापस सौपा गया था, मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे, अधिकतर मोबाइल फोन भीड़भाड़ वाले इलाकों में खो गए थे, जो बाद में ट्रैक कर वापस मांगवाकर पुनः मोबाइल मालिकों कों प्रदान किये गए। मोबाइल वापस पाकर नागरिकों के चेहरे पर खुशी और पुलिस के प्रति विश्वास साफ झलकता नजर आया। पुलिस टीम की तकनीकी दक्षता, समन्वय और सतत प्रयासों की आमजनो द्वारा प्रशंसा की गई।
इस दौरान डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल द्वारा नागरिकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि थोड़ी से असजगता, लापरवाही एवं भूल से मोबाइल गुम हो जाता है, मोबाइल आज़ के समय मे व्यक्ति की सबसे उपयोगी वस्तु है, नागरिकों द्वारा अपने मोबाइल गुमने की रिपोर्ट की जाती है, जिसे पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही कर मोबाइल को ट्रेस कर मोबाइल धारक को पुनः वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाती है, अधिकतर मामलो मे पुलिस को सफलता प्राप्त होती है, जिससे नागरिकों मे संतुष्टि का भाव दिखता है, नागरिकों मे संतुष्टि देखकर पुलिस विभाग भी आत्मसंतुष्ट होता है, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा ने नागरिकों को भीड़ भाड़ वाले इलाकों मे सब्जी बाजारो मे शर्ट के सामने पॉकेट मे मोबाइल रखने पर एहतियात बरतने की जानकारी दी। साथ ही वापस मोबाइल पाने वाले धारको को शुभकामनायें प्रदान की गई।
आवेदको ने थाना चौकी सहित ऑनलाइन पोर्टल https://www.ceir.gov.e पर अपने मोबाइल फोन खोने की शिकायत दर्ज कराई थी. इनमें से अधिकतर मामले बाजारों, सब्जी मंडियों, चौक चौराहे, यात्रा के दौरान और मंदिरो के आस पास से सामने आए थे, पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए इन मोबाइल फोनों को ट्रैक किया और फिर उनके मालिकों को सौंप दिया गया।
सरगुजा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल फोन का विशेष ध्यान रखें और अगर फोन गुम हो जाए तो पुलिस को सूचित कर, रिपोर्ट दर्ज करवाये, इसके पश्चात भारत सरकार के CEIR पोर्टल (https://www.ceir.gov.in) पर लॉगिन कर गुम मोबाइल की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से दर्ज करें।
इस अवसर पर सरगुजा पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता अभियान भी चलाया गया। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा ने उपस्थित नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया और विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने की अपील की गई। नागरिकों को बताया गया कि यातायात नियमों का पालन न केवल कानूनी दायित्व है, बल्कि यह जीवन सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
सरगुजा पुलिस द्वारा आयोजित कार्यक्रम मे नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी कर नागरिकों को नए क़ानून की अवधारणा से अवगत कराया गया, 1 जुलाई 2024 से प्रभावी भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) पर केंद्रित प्रदर्शनी, औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर आधुनिक, तकनीकी-आधारित और न्याय-उन्मुख कानूनी ढांचे को दर्शाया गया, नए कानूनों मे फोरेंसिक जांच, ई-एफआईआर, महिलाओं/बच्चों के खिलाफ अपराधों पर त्वरित कार्रवाई की जानकारी प्रदान की गई, उक्त नए क़ानून का उद्देश्य ‘दंड से न्याय’ की ओर जाना बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों, नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, थाना प्रभारी मणीपुर उप निरीक्षक सी. पी. तिवारी, उप निरीक्षक अभय तिवारी, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक सुभाष ठाकुर, आरक्षक अनुज जायसवाल, अमनपुरी, अशोक यादव, अमित विश्वकर्मा, रमेश राजवाड़े सक्रिय रहे।
















