नईदिल्ली (ए)। केंद्रीय कर्मचारियों और पेशनभोगियों के हित को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने ट्रेवलिंग अलाउंस (TA) क्लेम सब्मिशन की समय सीमा बढ़ा कर 60 से 180 दिन कर दी है. ये सुविधा 15 जून 2021 से अमल में आ गई है. उम्मीद की जा रही है कि सरकार ने ये कदम रिटायर्ड केंद्रीय कर्मचारियों की आसानी के लिए उठाया है क्योंकि रिटायर होने के बाद अलाउंस क्लेम जमा करने के लिए 60 दिन की अवधि काफी कसी हुई थी।
वित्त मंत्रालय के विभाग ने ये घोषणा की जिसके तहत कहा गया, “इस समय सीमा को बढ़ाने के लिए कई रेफ्रेंस रिसीव हुए. रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद परिवार के साथ एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए सफर करना और फिर सेटल होना काफी जटिल होता है जिसके लिए अलाउंस सब्मिशन का समय 60 दिन काफी कम था. अब इसे बढ़ाया गया है।”
इस सुविधा के तहत रिटायर होने वाला केंद्रीय कर्मचारी अपनी यात्रा के बाद छ महीने तक यात्रा खर्च सब्मिट कर सकता है. लेकिन टूर, ट्रांसफर और ट्रेनिंग के लिए टीए क्लेम सब्मिशन की समय सीमा 60 दिन ही रहेगी।
सरकार के इस कदम की सराहना हुई
नेशनल काउंसिल फॉर जेसीएम के सेक्रेट्री शिव गोपाल मिश्रा का कहना है, “केंद्र सरकार के इस कदम का हम स्वागत करते हैं. क्योंकि 60 दिन में टीए क्लेम सब्मिट करना काफी कम समय था. ऐसा कई बार देखा गया कि इस सयम सीमा में कई कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।”
केंद्र सरकार की इस सुविधा का असर केंद्रीय सेवा से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को काफी राहत देगा. क्योंकि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को अपने परिवार के साथ सेटल होने के लिए पोस्टिंग की जगह छोड़ दूर दराज इलाकों का सफर भी करना पड़ता है. कई कर्मचारी तो पूरे सामान के साथ शिफ्ट होते हैं जो कि काफी हैक्टिक हो जाता है. ऐसे में यात्रा भत्ता क्लेम करने का समय सिर्फ 60 दिन होने की वजह से उसे काफी परेशानी होती थी. अब ये समय सीमा 180 दिन कर दी गई है. अब सुझाव ये भी आ रहे हैं कि यात्रा भत्ते के क्लेम रिटायरमेंट पर ही होने चाहिए ऐसा होने से कर्मचारियों की बेकार की भागदौड़ बच जाएगी।















