
भिलाई। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार का आधा कार्यकाल खत्म हुआ, सरकार की उल्टी गिनती पूरी तरह शुरू हो गई है। ढाई साल का यह कालखंड जनता से किए सभी वादे को तोड़ने, धोखाधड़ी, विश्वासघात और अराजकता के काले अध्याय के रूप में जाना जाएगा। पवित्र गंगाजल हाथ में लेकर किये गए तमाम घोषणाओं की जिस तरह इस सरकार ने अवहेलना की है वैसा अन्य उदाहरण देश में कोई और नहीं है।
उक्त बातें शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में महासमुंद के पूर्व लोकसभा सांसद चंदूलाल साहू ने कहीं उन्होंने भूपेश सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पूर्ण होने पर उनकी सरकार की वादाखिलाफी को बताते हुए कहा कि इस सरकार ने गंगाजल लेकर अपने घोषणा पत्र में कहा था कि हम राज्य में पूर्ण शराबबंदी करेंगे, वहीं सरकार अब शराब की होम डिलीवरी कर रही है। जिसके कारण हाल ही में महासमुंद में शराबी पति के कारण एक महिला ने अपने 5 बच्चों के साथ रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या कर ली है, यह सरकार की विफलताओं का जीता जागता उदाहरण है। सीधा-साधा छत्तीसगढ़ प्रदेश आज अपराध का प्रदेश बन गया है, यहां रोज औसतन 7 बलात्कार हो रहे हैं, शासन के आंकड़े के अनुसार ही प्रदेश में 2 वर्ष में 1828 हत्या, 1281 हत्या के प्रयास, 4939 बलात्कार, 12862 चोरी, 133 डकैती और 855 लूटपाट के मामले दर्ज किए गए हैं। मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के विधानसभा क्षेत्र पाटन के बठेना गांव में एक ही परिवार के पांच व्यक्ति की संदिग्ध मृत्य, खुदमुडा कांड, राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का संरक्षण प्राप्त कोरवा जनजाति की नाबालिग बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और उसके पिता -बहन समेत उनकी नृशंस हत्या, जशपुर की बेटी को 6 बार अलग-अलग लोगों ने हाथ बेचना, केशकाल के नाबालिग आदिवासी किशोरी से सात-सात लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म कहीं से न्याय नहीं मिलने पर उसने आत्महत्या भी कर ली। ऐसे कई अन्य गंभीर अपराध प्रदेश में हुए हैं जिसके लिए भूपेश सरकार जिम्मेदार हैं।
श्री साहू ने कहा कि किसानों के साथ भी सरकार ने छल किया है घोषणा पत्र में स्पष्ट वादा करने के बावजूद किसानों के 2 साल के बकाए बोनस का भुगतान नहीं किया। धान का रकबा लगातार मनमाने तरीके से कम किया। किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। पिछले ढाई साल में करीब 300 किसानों ने आत्महत्या की है केवल 10 महीने में ही 141 किसानों की आत्महत्या की, इस बात को शासन ने स्वयं स्वीकारी है लेकिन किसी को भी कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। रकबा कटौती के कारण कांग्रेस अध्यक्ष के क्षेत्र कोडागांव के किसान धनीराम मरकाम की दुखद आत्महत्या, किसानों की आत्महत्या की लगातार खबरें प्रदेश को शर्मसार कर रही है। केंद्र सरकार ने डीएपी में सब्सिडी बढ़ा दी इसका लाभ भी यहां के किसानों को नहीं दिया जा रहा है। किसान सम्मान निधि के लिए केंद्र सरकार को जानकारी नहीं दी जा रही है उसे जानबूझकर सरकार द्वारा रोका जा रहा है।
मोदी सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत प्रदेश को दिए 6 लाख आवास में से 4 लाख 80 हजार आवास कांग्रेस की इस सरकार ने वापस कर दिए।
छत्तीसगढ़ीयो के हक पर डाका डालने वाली, उन्हें मिले छत तक हड़प लेने वाली कांग्रेस की इस सरकार की जितनी निंदा की जाए वह कम है ना केवल आवास बल्कि मोदी सरकार द्वारा दी गई तमाम राहतों को दुराग्रहवश लोगों तक नहीं पहुंचा देने का अभियान चलाया हुआ है। पिछले 2 महीने का राशन उठा लेने के बावजूद छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने उसे वितरित नही किया, सारा चावल भूपेश सरकार खा गई।
श्री साहू ने कहा कि युवा बेरोजगारों के साथ भी इस सरकार ने बहुत बड़ा धोखा किया है, हर घर रोजगार और एक लाख शासकीय नौकरी का वादा करने वाली कांग्रेस सरकार ने मुट्ठी भर रोजगार भी नहीं दी, पीएससी में अराजकता चरम पर है, दर्जनों सवाल गलत पूछे जा रहे हैं, साढ़े बारह हजार चयनित शिक्षक अभ्यर्थी को प्रताड़ना, उनके साथ बर्बरता से पेश आ रही है। भूपेश सरकार में नौकरी देने का झूठा वादा किया। कांग्रेस ने 10 लाख बेरोजगारों को पच्चीस सौ रुपये बेरोजगारी भत्ता देने के नाम पर सत्ता में आई थी लेकिन इन युवाओं को अब तक भत्ता नहीं मिला, निराशा इतनी है कि युवा आत्महत्या तक कर रहे हैं। प्रदेश में पांच हजार युवाओं को नौकरी से निकाल भी दिया गया।
प्रदेश में क्रिकेट का आयोजन करा कर गांव गांव में मुफ्त में उसका पास बांटा कर कोरोना के दूसरी लहर को यहां फैलाया गया। लोग मर रहे थे भूपेश बघेल असम प्रचार में व्यस्त थे। 13 हजार से अधिक मौतें दर्ज की गई इसमें भी घोटाला सामने आया है, हजारों मौतों को दर्ज नहीं किया गया। राजनीतिक दुर्भावना के चलते केंद्र के आयुष्मान भारत योजना को लटकाने वाले भूपेश सरकार है, प्रदेश में मिले कोरोना टिका में से 30% से अधिक को बर्बाद कर देने का कलंक इस सरकार के सर पर है। इस तरह देशभर में दूसरा सबसे अधिक टीका बर्बाद करने वाला प्रदेश छत्तीसगढ़ है। टूलकिट के संदर्भ में देखें तो ऐसा लगता है कि मानो जानबूझकर टीके को बर्बाद किया हो यह संदेह इसलिए भी हो रहा है कि पहले तो यहां महीनों तक टीके के खिलाफ दुष्प्रचार करते रहे, लोगों को लगना नहीं दिया, लोग मर रहे थे और स्वास्थ्य मंत्री अपना नंबर बढ़ाने गुटबाजी में सीएम से भी आगे निकलने की कोशिश में केंद्र से टकराव कर रहे थे।
श्री साहू ने कहा कि महासमुंद में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए उपहार सामग्री, रेडी टू इट सामग्री खरीदारी में भ्रष्टाचार का जीता जागता सबूत है, इसे लेकर महिला बाल विकास के अधिकारी सुधाकर बोदले को धरना और अनशन पर बैठना पड़ा था, ऐसी अजीब मामले पर भी ध्यान देने के बदले कांग्रेस सरकार ने घर पर अनशन कर रहे अधिकारी को ही गिरफ्तार भी कर लिया। केवल इन 2 मामलों में ही 30 लाख रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार मामला प्रकाश में आया है, हाल ही में एसीबी ने सीईओ सहित तीन पटवारी को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है जिससे साफ जाहिर है कि भ्रष्टाचार इस सरकार में चरम पर हैं। ढाई ढाई साल का कार्यकाल भी पूरी हो चुका है, आपसी विवाद के कारण छत्तीसगढ़ का विकास नहीं कर पा रहा है मानवता के नाते अगर भूपेश बघेल सरकार नहीं चला पा रहे हैं तो उन्हें इस्तीफा देकर किसी दूसरे को मौका देना चाहिए।
पत्रकारवार्ता में भिलाई जिलाध्यक्ष बीरेंद्र साहू, प्रमोद अग्रवाल, विजय जयसवाल, ईश्वर ठाकुर, पुरुषोत्तम देवांगन, संतोष सिंह, सतेन्द्र सिंह, भूषण अग्रवाल, रामउपकर तिवारी, सुभाष शर्मा, त्रिलोचन सिंह उपस्थित थे। यहाँ देखे वीडियो
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