पुलिस विभाग से एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है. यहां SP ने 26 पुलिसकर्मियों को नोटिस थमा दिया है. आइए जानते हैं आखिर पूरा मामला क्या है?
नोटिस पाने वालों में पुलिस लाइन आरआई कनक सिंह, ट्रैफिक टीआई कैलाश कुमार पटेल, साइबर सेल के सब-इंस्पेक्टर मयंक नागच सहित 23 अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं. इनमें एसपी कार्यालय के स्टेनो और अन्य कर्मचारी भी बताए जा रहे हैं।
भोपाल (ए)। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के एक आदेश ने पूरे पुलिस महकमे को सकते में डाल दिया है. एसपी कार्यालय से जुड़े 26 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अचानक जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं. नोटिस मिलने के बाद पुलिसकर्मियों में असंतोष है, लेकिन विभागीय दबाव के चलते कोई भी खुलकर सामने आने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है।
दरअसल पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई को गृह विभाग एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल ने 26 दिन की ट्रेनिंग पर हैदराबाद भेजा था. इस दौरान टीकमगढ़ जिले की कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 18वीं बटालियन शिवपुरी के कमांडेंट एवं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार सिंह को पुलिस अधीक्षक का प्रभार सौंपा गया था।
प्रभार के दौरान जारी किए गए विभागीय पत्रों और आदेशों में आलोक कुमार सिंह का पदनाम पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ लिखा गया था. जब एसपी मंडलोई ट्रेनिंग से लौटे और इन पत्रों को देखा, तो वे नाराज हो गए और तत्काल 26 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब कर दिया।
नोटिस में एसपी मंडलोई ने सवाल किया है कि उनकी अनुपस्थिति में जारी आदेशों में “प्रभारी पुलिस अधीक्षक” की जगह “पुलिस अधीक्षक” क्यों लिखा गया? इसी मुद्दे को लेकर पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है. इस पूरे मामले पर रिटायर्ड डीएसपी मुबारक खान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे एसपी की “बचकानी और तुगलकी मानसिकता” बताया. पूर्व डीएसपी का कहना है कि जब गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय द्वारा सीनियर आईपीएस अधिकारी को विधिवत प्रभार सौंपा गया था, तो उनके द्वारा पुलिस अधीक्षक के रूप में आदेश जारी करना पूरी तरह वैधानिक है. उन्होंने कहा कि अपने ही अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को इस तरह नोटिस देना पुलिस बल के मनोबल को कमजोर करता है और यह किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को शोभा नहीं देता।
नोटिस पाने वालों में पुलिस लाइन आरआई कनक सिंह, ट्रैफिक टीआई कैलाश कुमार पटेल, साइबर सेल के सब-इंस्पेक्टर मयंक नागच सहित 23 अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं. इनमें एसपी कार्यालय के स्टेनो और अन्य कर्मचारी भी बताए जा रहे हैं।
एसपी का यह नोटिस सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आशंका जताई जा रही है कि किसी पीड़ित पुलिसकर्मी ने अपनी पीड़ा जाहिर करने के लिए इसे सार्वजनिक किया है.मामले को लेकर जब टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इस विषय पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
















