2026 में भारत में कई अहम चुनाव होने वाले हैं। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके साथ ही राज्यसभा की 75 सीटों के लिए भी चुनाव होना है…
नईदिल्ली (ए)। 2025 में दो राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए। साल की शुरुआत में दिल्ली तो साल के आखिर में बिहार में विधानसभा के चुनाव हुए। दिल्ली में भाजपा 27 साल बाद सत्ता में लौटी तो बिहार में नीतीश का राज बरकरार रहा। नए साल की दस्तक के साथ विधानसभा चुनाव का दौर शुरू हो गया है। 2026 में ये चुनावी हलचल 2025 के मुकाबले ज्यादा रहेगी। 2026 में भारत में कई अहम चुनाव होने वाले हैं। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके साथ ही राज्यसभा की 75 सीटों के लिए भी चुनाव होना है।
पिछले करीब 15 साल से सत्ता में काबिज तृणमूल के लिए सत्ता विरोधी लहर को संभालना सबसे बड़ी चुनौती होगा। भाजपा के लिए 2026 का चुनाव यह परखेगा कि 2021 में उसे मिली 77 सीटों का उछाल एक अस्थायी उभार था या बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के प्रभुत्व के लिए एक स्थायी चुनौती की शुरुआत थी। कांग्रेस और लेफ्ट एक बार फिर अपनी खोई राजनीतिक जमीन को वापस पाने की कोशिश करेंगे।
पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। राज्य में मार्च से मई के बीच चुनाव होने की उम्मीद है। 294 सीटों वाली बंगाल विधानसभआ में 2021 के चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीती थीं। पार्टी को लगभग 48% वोट शेयर मिला था। 77 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी। पार्टी को लगभग 38% वोट मिले थे। 2016 में जीती गई केवल तीन सीटों की तुलना में एक बड़ी छलांग थी।
केरल: केरल की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। अभी यहां माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ गठबंधन की सरकार है। 2021 के विधानसभा चुनाव में राज्य की 140 सीटों में से 99 सीटें जीतकर एलडीएफ ने लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की थी। कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को 41 सीटों से संतोष करना पड़ा था। भारतीय जनता पार्टी ने केरल में पिछले दो चुनावों में आक्रामक तरीके से चुनाव लड़ा, लेकिन वह खाता खोलने में भी नाकाम रही है।
तमिलनाडु: तमिलनाडु की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। अभी यहां द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता में है। 234 सदस्यों वाली विधानसभा में उसे 2021 में 133 सीटें मिलीं थीं। अन्य सहयोगियों के साथ ये आंकड़ा 159 सीट तक पहुंच गया था। वहीं, भाजपा और एआईएडीमके और अन्य सहयोगियों वाले गठबंधन को 75 सीट से संतोष करना पड़ा था।
असम: असम की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन को राज्य की 126 सीटों में से 75 सीटों पर जीत मिली थी। इनमें से 60 सीटें अकेले भाजपा के खाते में गईं थीं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन महाजोत को इस चुनाव में 50 सीटें मिली थीं। इनमें कांग्रेस को 29, बदरुद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ को 16 सीटें सीटें मिलीं थीं।
पुडुचेरी: पुडुचेरी में 2026 के विधानसभा चुनाव मार्च और मई 2026 के बीच होने हैं, जिसमें इस केंद्र शासित प्रदेश की 30 सीटों पर मतदान होगा। इस केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा समय में एन रंगसामी के नेतृत्व वाला एआईएनआरसी-भाजपा गठबंधन सत्ता में है। 2021 में एआईएनआरसी ने 10 सीटें और भाजपा ने 6 सीटें जीती थीं।
राज्यसभा चुनाव
2026 में अलग-अलग समय पर राज्यसभा की कुल 73 सीटें खाली हो रही हैं। सबसे ज्यादा 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल महीने में समाप्त होगा। इनमें से 22 सदस्य 2 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं। वहीं, 15 सदस्य 9 अप्रैल को रिटायर होंगे। इसी तरह जून में 22 सांसदों का कार्यकल खत्म हो रहा है। इनमें से 17 सदस्य 21 जून को चार 25 जून और एक सदस्य 23 जून को रिटायर होंगे। वहीं, 11 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल नवंबर महीने में पूरा होगा। ये सभी 25 नवंबर को रिटायर होंगे। इन 70 सदस्यों के अलावा दो अन्य सदस्यों का कार्यकाल भी 2026 में समाप्त होगा। इनमें पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई 16 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त होंगे। वहीं, मिजोरम से एमएएफ के सांसद के. वनलालवेना 19 जुलाई 2026 को रिटायर होंगे। इसके साथ ही एक रिक्त सीट पर भी 2026 में ही चुनाव होगा। ये सीट झारखंड से राज्यसभा सदस्य रहे राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के वजह से रिक्त पड़ी है।
लोकसभा और विधानसभा सीटों के लिए उप-चुनाव भी
पश्चिम बंगाल की बशीरहाट लोकसभा सीट इस वक्त खाली है। ये सीट टीएमसी के सांसद हाजी नूरूल इस्लाम के निधन की वजह से रिक्त हुई है। इस्लाम की इसी साल 25 सितंबर को निधन हो गया था। यहां भी जल्द ही चुनाव का एलान हो सकता है। इसी तरह कई राज्यों में विधानसभा सीटों को भरने के लिए उपचुनाव भी निर्धारित हैं जो मौजूदा विधायकों के निधन के कारण खाली हुई हैं। इनमें गोवा में पोंडा, कर्नाटक में बागलकोट, महाराष्ट्र में राहुरी, मणिपुर में ताडुबी, और नागालैंड में कोरिडांग सीट शामिल हैं। हालांकि, इन उपचुनावों के लिए आधिकारिक चुनाव तिथियों की घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
















