खैरागढ़। दिनांक 14.12.2025 को अपरान्ह लगभग 3.30 बजे सुनील पटले, बीट फॉरेस्ट ऑफिसर, दैहान को स्थानीय ग्रामीण से दूरभाष पर एक तेन्दुआ की मृत्यु संबंधी सूचना प्राप्त होने पर उन्होनें स्थल पर पहुँचकर एक तेन्दुआ को मृत अवस्था में देखा एवं तत्काल वन परिक्षेत्र अधिकारी खैरागढ़ को सूचित किया। सूचना प्राप्त होते ही दीपेश कपिल, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़, मोना माहेश्वरी, संयुक्त वनमंडलाधिकारी, खैरागढ़ एवं रमेश कुमार टंडन, वन परिक्षेत्र अधिकारी खैरागढ़ स्थानीय वन अमले सहित घटना स्थल हेतु रवाना हुये।
दैहान परिसर के वन कक्ष क्रमांक 343 पी.एफ. से लगभग 50 मीटर की दूरी पर, राजस्व भूमि खसरा नंबर-132 में एक तेन्दुआ का मृत शरीर क्षत-विक्षत अवस्था में पाया गया। डीएफओ दीपेश कपिल द्वारा वस्तुस्थिति को समझते हुये उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श कर रणनीति बनाई गई एवं आसपास के क्षेत्र का गहन निरीक्षण सह छानबीन प्रारंभ की गई।
सूचना प्राप्त होते ही उच्चाधिकारी एम. मर्सीबेला, मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त, दुर्ग तथा सतोविसा समाजदार मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) / क्षेत्र संचालक, उदंती-सीतानदी टाईगर रिजर्व रायपुर घटना स्थल पर पहुंचे। संदीप सिंह की अगुवाई में राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल एवं डॉग स्क्वॉयड की टीम भी घटना स्थल पर पहुँची। छानबीन के दौरान डॉग स्क्वॉयड की मदद से संदिग्ध व्यक्ति डोमन लाल वर्मा आ. स्व. नोहर वर्मा, उम्र 45 वर्ष को पूछताछ हेतु बुलाया गया।
प्रारंभ में उनके द्वारा वन अमले को गुमराह किये जाने का प्रयास किया गया, किन्तु उनके कथनों से तेन्दुआ की मृत्यु प्रकरण में उनकी संलिप्तता का आभास होने लगा। कड़ी पूछताछ में उन्होंने अपने अन्य साथियों चन्दूराम वर्मा आ. महेश लाल वर्मा, हेमचंद वर्मा आ. रामसेवक वर्मा, दीपक यादव आ. स्व. दयाराम यादव, सभी निवासी ग्राम दैहान का नाम भी प्रकरण में संलिप्त व्यक्तियों के तौर पर बताया गया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर इन्होंने तेन्दुआ का विद्युत करेंट लगाकर शिकार किया जाना स्वीकार किया। अभियुक्तों द्वारा योजनाबद्ध ढंग से वन्यप्राणी तेन्दुआ का सामुहिक शिकार किया गया है। अभियुक्तों की निशानदेही पर शिकार में प्रयुक्त सामग्री यथा तार, खूंटियों, कुल्हाड़ी सहित धारदार हथियार अभियुक्तों के घर से बरामद किये गये हैं। अभियुक्त डोमनलाल वर्मा के घर से तार, कुल्हाड़ी एवं टूटी हुई एयरगन भी जप्त किये गये हैं।
पूछताछ के दौरान 02 अन्य व्यक्ति फिरोज निषाद आ. स्व. केजूराम निषाद एवं कचरू यादव आ. स्व. दयाराम यादव, दोनों निवासी ग्राम दैहान के नाम भी प्रकरण में संलिप्त व्यक्ति के रूप में आये, उन्हें भी पूछताछ के लिये बुलाया गया। पूछताछ उपरांत दोनों की निशानदेही पर तेन्दुआ के गायब चारों दांत जप्त किये गये। मृत तेन्दुआ के गायब पंजे के संबंध में कड़ाई से पूछताछ करने पर डोमन लाल वर्मा ने बताया कि तेन्दुआ के चारों पंजे उन्होंने स्वयं के पास रखे धारदार हथियार से काटा एवं उन्हें अपने घर बाड़ी में छिपा दिया।
तेन्दुआ के पंजे काटने/छिपाने की जानकारी अपने भाई भगवती आ. नोहर वर्मा निवासी ग्राम दैहान को दी। तत्पश्चात् भगवती वर्मा ने चारों पंजे उनके खेत में स्थित अर्जुन (कहुआ) वृक्ष के खोल (पोलार्ड) में छिपाकर रखा, जिसकी जानकारी उनके द्वारा पूछताछ के दौरान दी गई। उनकी निशानदेही पर तेन्दुआ के चारों पंजे कहुआ पेड़ के खोल से बरामद किये गये। इस प्रकार मृत तेन्दुआ के सभी गायब अंग जॉच के दौरान जप्त कर लिये गये हैं।
एन.टी.सी.ए. की गाईड लाईन के अनुसार वन्यप्राणी तेन्दुआ के शव का डॉक्टरों की टीम द्वारा वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ दीपेश कपिल की उपस्थिति में शव परीक्षण किया गया एवं नियमानुसार दाह संस्कार किया गया। वैधानिक कार्यवाही हेतु आवश्यक समस्त सेम्पल टीम द्वारा सुरक्षित रख लिये गये हैं एवं छानबीन के दौरान प्राप्त सामग्री को नियमानुसार जप्त कर लिया गया है।
इस प्रकार वनमंडल अधिकारी खैरागढ़ दीपेश कपिल के नेतृत्व में वन अमले द्वारा तत्परतापूर्वक कार्यवाही करते हुये लगभग 24 घंटे में अभियुक्तों की पहचान कर वन्यप्राणी मादा तेन्दुआ के समस्त गायब अंगों को जप्त कर लिया गया है। प्रकरण में सभी 07 अभियुक्तों को मान. न्यायालय में प्रस्तुत किया जाकर 15 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में लिया गया है एवं जेल दाखिला की कार्यवाही की गई।
















