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आईएमएफ ने भारत के यूपीआई को दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम माना

एसीआई वर्ल्डवाइड की ‘प्राइम टाइम फॉर रियल-टाइम 2024’ रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक रियल-टाइम भुगतान प्रणाली में 49% हिस्सेदारी और 129.3 अरब लेनदेन के साथ यूपीआई वैश्विक सूची में शीर्ष पर है। ब्राजील 14% बाजार हिस्सेदारी और 37.4 अरब लेनदेन के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि थाईलैंड 8% हिस्सेदारी और 20.4 अरब लेनदेन के साथ तीसरे स्थान पर है…

 

 

 

नईदिल्ली (ए)। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को लेनदेन की मात्रा के आधार पर दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम के रूप में मान्यता दी है। यह जानकारी सरकार ने सोमवार को दी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि यह तथ्य आईएमएफ की जून 2025 की रिपोर्ट ‘बढ़ते खुदरा डिजिटल भुगतान (इंटरऑपरेबिलिटी की वैल्यू)’ में दर्ज किया गया है।

इसके अलावा, एसीआई वर्ल्डवाइड की ‘प्राइम टाइम फॉर रियल-टाइम 2024’ रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक रियल-टाइम भुगतान प्रणाली में 49% हिस्सेदारी और 129.3 अरब लेनदेन के साथ यूपीआई वैश्विक सूची में शीर्ष पर है।
ब्राजील 14% बाजार हिस्सेदारी और 37.4 अरब लेनदेन के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि थाईलैंड 8% हिस्सेदारी और 20.4 अरब लेनदेन के साथ तीसरे स्थान पर है। चीन 6% हिस्सेदारी और 17.2 अरब लेनदेन के साथ चौथे स्थान पर है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि छोटे व्यापारियों को यूपीआई समेत डिजिटल भुगतान प्रणालियों को अपनाने में सहायता देने के लिए सरकार, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा समय-समय पर कई पहल की गई हैं।

इन पहलों में कम मूल्य के भीम-यूपीआई लेनदेन को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव योजना और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) शामिल हैं। इसके तहत टियर-3 से टियर-6 शहरों में डिजिटल भुगतान अवसंरचना- जैसे पीओएस टर्मिनल और क्यूआर कोड स्थापित करने के लिए बैंकों और फिनटेक कंपनियों को अनुदान दिया जाता है।

मंत्री ने बताया कि 31 अक्टूबर 2025 तक टियर-3 से टियर-6 केंद्रों में पीआईडीएफ के माध्यम से लगभग 5.45 करोड़ डिजिटल टचपॉइंट स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2024-25 तक करीब 6.5 करोड़ व्यापारियों के लिए 56.86 करोड़ क्यूआर कोड लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार, आरबीआई और एनपीसीआई ने देशभर में सार्वजनिक सेवाओं, परिवहन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक में रुपे और यूपीआई आधारित डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं।

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