BREAKING

दुर्ग-भिलाईफीचर्डसाक्षात्कार

असफलताओ के बाद जब सफलता मिलती है उसका मजा ही अलग होता है: IAS हेमंत नंदनवार

 

दुर्ग। आईएएस ट्रेनिंग एकेडमी से आने के बाद मैं समय से पूर्व ही जिला ट्रेनिंग ज्वॉइन कर लिया था और दुर्ग जिला में अप्रैल माह में कोविड-19 संक्रमण लगातार बढ़ रहे थे जिसके कारण लॉक डाउन लगाया गया था, मैं लगातार कोविड-19 की ड्यूटी कर रहा हूं। अस्पतालों का विजिट करना, बैठक लेना, हर गतिविधियों पर नजर रखना यह सब काम अपने ट्रेनिंग में सीखने को मिला रहा, जो कि भविष्य में मुझे बहुत काम आएगा। यह बातें दुर्ग जिला में नवपदस्थ युवा आईएएस हेमंत नंदनवार ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।

आईएएस हेमंत नंदनवार की प्रारंभिक और हाई स्कूल तक कि शिक्षा मोहाडी (जिला भण्डारा, महाराष्ट्र) के स्कूल में पूरी हुई थी। हायर सेकंडरी तक कि शिक्षा इन्होंने नागपुर से पूर्ण किया। वर्ष 2013 में इन्होंने नागपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज से मेकेनिकल ब्रांच में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल किया। इसके बाद से यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुट गए। वर्ष 2019 में इनका चयन नाबार्ड में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर हुआ तथा लखनऊ में पोस्टिंग मिली। जहां इन्होंने अक्टूबर 2019 से अक्टूबर 2020 तक अपनी सेवाएं दी। इन्होंने यूपीएससी की तैयारियों में जुटे रहे और भारतीय वन सेवा के लिए इंटरव्यू भी दिया। इन्होंने हार नही मानी और तैयारियो से पिछे नही हटते हुए दृढ़ता से यूपीएससी की परीक्षा देते रहे और अपने चौथे प्रयास में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के लिए वर्ष 2020 में चयनित हुए।

स्कूल के दिनों में महाराष्ट्र सरकार द्वारा आयोजित गुणवत्ता परीक्षा में इन्होंने अपने तहसील में पहला तथा जिला में चौथे नम्बर पर रहे जिसके लिए इन्हें छह साल तक स्कालरशिप मिला।
रनिंग, गाना सुनने, गाना गाने, कैरम खेलने, साइकलिंग करने, कुकिंग और परिवार के साथ समय व्यतीत करने में विशेष रुचि रखने वाले आईएएस हेमंत नंदनवार मिसाइल मैन और भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानते है।
आईएएस हेमंत नंदनवार ने बताया कि इनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नही थी। इनके पिता जी एक छोटा सा दुकान चलाते है और बड़ा भाई टीचर है। इनके बड़े भाई ने इनके पढ़ाई के लिए अपनी जमा पूंजी खर्च इन्हें पढ़ाया और आज उनके प्रयास से यह इस मुकाम पर पहुंचे है।

अपने अनुभवों को साझा करते हुए इन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने वाले युवाओं को टिप्स दिया है कि जिसको भी इस परीक्षा की तैयारी करनी है वह पहले क्लियर करे कि उन्हें क्या करना है, अपने लक्ष्य को अच्छे से निर्धारित करें और जब लक्ष्य निर्धारित करें तो साम दाम दंड भेद से प्रयासों में कभी भी कमी ना करें। विफलता आएगी पर हर विफलता से सीख कर आगे बढ़ना चाहिए। सकारात्मक और आशावाद सदा बने रहना चाहिए, खुद को मोटिवेट करते रहना चाहिए। असफलताओ के बाद जब सफलता मिलती है, उसका मजा ही अलग होता है।
कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को लेकर इन्होंने जनता से अपील की है कि हमने काफी हद तक कोरोना पर कंट्रोल कर लिया है। हमारे पास अभी हर तरह के अस्पताल, बैड, दवा उपलब्ध है, पर लापरवाही से क्या हो सकता है यह हम सबने देख लिया है, इसलिए सबसे निवेदन है कि सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अति आवश्यक है। यंगस्टर्स की वजह से इनके परिवार में कोरोना ज्यादा फैल रहा है, इसलिए यह लोग ज्यादा सावधानी बरतें।
कोविड के बारे में ज्यादा निगेटिव बातो को ध्यान में ना रखे और ना ही कोई अफवाह फैलाये। वैक्सीनेशन कोविड से बचाव का एक कारगार उपाय है। सभी लोग वैक्सीनेशन कराये, अपने परिवार का भी करवाये। खुद भी सुरक्षित रहे और अपने परिवार को भी सुरक्षित रखे।

Related Posts