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आज देवउठनी एकादशी-तुलसी विवाह: इन चीजों का करें दान, मनोकामना पूर्ति की है मान्यता, जानिए शुभ मुहूर्त?

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियाँ होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। आषाढ शुक्ल एकादशी को देव-शयन हो जाने के बाद से प्रारम्भ हुए चातुर्मास का समापन कार्तिक शुक्ल एकादशी के दिन देवोत्थान-उत्सव होने पर होता है…

 

नईदिल्ली (ए)। देवउठनी एकादशी का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है। यह शुभ एवं पावन तिथि उस दिन का प्रतीक है जब जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जाकर सृष्टि के कार्यों का संचालन करते हैं। इसके साथ ही सभी शुभ एवं मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं।

इस दिन से ही सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। कुछ लोग इसी दिन तुलसी विवाह का आयोजन भी करते हैं और माता तुलसी का विवाह शालिग्राम जी के साथ किया जाता है।

शास्त्रों में मान्यता है कि देवउठनी एकादशी पर तुलसी माता की विधिवत पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है। यहां हम आपको बताएंगे इस दिन किन उपायों को करके आप अपनी किस्मत चमका सकते हैं।

देवउठनी एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 50 मिनट से सुबह 05 बजकर 41 मिनट तक

अभिजित मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक

अमृत काल- सुबह 11 बजकर 17 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक

रवि योग- सुबह 06 बजकर 33 मिनट से शाम 06 बजकर 20 मिनट तक

ध्रुव योग- सुबह 04 बजकर 31 मिनट से 2 नवंबर को सुबह 02 बजकर 09 मिनट तक

 

देवउठनी एकादशी के दिन करें ये उपाय:

एकाक्षी नारियल अर्पित करें

ज्योतिष एवं वास्तु-शास्त्रों के अनुसार, अगर आप अपने जीवन में सौभाग्य को बनाये रखना चाहते हैं, तो इस दिन तुलसी के पौधे पर लाल चुनरी चढ़ाएं और श्री विष्णु को  एकाक्षी नारियल अर्पित करें।

तुलसी पौधे मन्दिर में दान करें

अगर आप हर क्षेत्र में कामयाब होना चाहते हैं, जीवन की बुलंदियों को छूना चाहते हैं, तो देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की मूर्ति और तुलसी के पौधे की पूजा करके, उन्हें मन्दिर में दान कर दें।

भगवान विष्णु को पंजीरी भोग लगाएं

अगर आप अपनी जिंदगी को हमेशा खुशहाल देखना चाहते हैं, तो इस दिन आपको आटा भूनकर, उसमें शक्कर मिलाकर पंजीरी का प्रसाद बनाना चाहिए और उसमें केले के टुकड़े और साबुत तुलसी की पत्तियां भी डालनी चाहिए।

अब भगवान विष्णु की विधि-पूर्वक पूजा करें और उन्हें इस प्रसाद का भोग लगाएं। इसके बाद बाकी बचे प्रसाद को परिवार के सब सदस्यों में बांट दें।

हल्दी का टीका लगाएं

यदि आप अपनी नौकरी में अच्छी आमदनी पाना चाहते हैं, तो इस दिन श्री विष्णु को हल्दी का टीका लगाएं और तुलसी दल से उनकी पूजा करें। पूजा के बाद हाथ जोड़कर भगवान से प्रार्थना करें।

दूध मिश्रित जल अर्पित करें

अगर आप अपना मनपसंद जीवनसाथी पाना चाहते हैं, तो इस दिन नमो भगवते नारायणाय’ मंत्र का जप करते हुए तुलसी के पौधे में केसर और थोड़े से दूध मिश्रित जल अर्पित करें। साथ ही भगवान विष्णु को भी केसर मिश्रित दूध का भोग लगाएं।

देवउठनी एकादशी के खास उपाय

पीली वस्तु का दान करें- देवउठनी एकादशी के दिन चने की दाल, हल्दी या पीले कपड़े दान करने से विष्णुजी की कृपा बढ़ती है।

तुलसी के पौधे के समक्ष दीपक जलाएं- शाम के समय तुलसी के पौधे के समक्ष घी का दीपक जलाकर “ॐ तुलस्यै नमः” मंत्र बोलें। इससे घर में लक्ष्मी का वास होता है।

विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें- इस दिन भगवान के हजार नामों का स्मरण करने से सारे पाप नष्ट होते हैं।

किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं- यह सबसे श्रेष्ठ दान माना गया है। इससे जीवन में अन्न और धन की कभी कमी नहीं रहती।

व्रत करें- देवउठनी एकादशी का व्रत अवश्य करें। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि जो भक्त देवउठनी एकादशी का व्रत करता है, उसे सौ अश्वमेध यज्ञ और हजार गोदान के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। यह व्रत मोक्षदायक माना गया है और इसके पालन से सभी कष्ट दूर होकर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं- देवउठनी एकादशी (या तुलसी विवाह) के दिन पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाना और भगवान विष्णु को पांच पीपल के पत्ते अर्पित करना बहुत पुण्यदायी माना गया है। शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि पीपल में स्वयं विष्णु, ब्रह्मा और शिव तीनों देवताओं का वास होता है, इसलिए यह उपाय अत्यंत शुभ और प्रभावकारी माना गया है।

दीपदान करें नदी या सरोवर में- शाम को दीपक में तिल का तेल भरकर किसी नदी, तालाब या कुंड में प्रवाहित करें। यह उपाय करने से पितृ शांति, कर्ज मुक्ति की मान्यता है।

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