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सही दिशा में काम करे तो नौकरी करने का आनंद दोगुना हो जाता है: एएसपी संजय ध्रुव

भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस)। पुलिस एक ऐसा विभाग है जहां आप नौकरी करने के साथ साथ कई लोगो को न्याय दिला सकते है। समाज मे आप अपने बेहतर कार्य कर अपनी छवि बना सकते है, मैं पुलिस विभाग में काम करके संतुष्ट हूँ। सही दिशा में काम करे तो नौकरी करने का आनंद दोगुना हो जाता है। यह सब बातें दुर्ग शहर के नए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ध्रुव ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही, इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।

एएसपी संजय ध्रुव की प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा नवोदय विद्यालय माना, रायपुर से हुई थी। नवमीं से हायरसेकंडरी तक की शिक्षा नवोदय विद्यालय, कर्नाटक से पूरी हुई। वर्ष 2008 में इन्होंने छत्तीसगढ़ कॉलेज, रायपुर से बीए, एलएलबी की डिग्री हासिल किया।
वर्ष 2003 के सीजीपीएससी में इनका चयन आबकारी उपनिरीक्षक के लिए हुआ लेकिन इन्होंने वह नौकरी नही किया। इन्होंने वर्ष 2005 में पुनः सीजीपीएससी की परीक्षा दी और इस बार डीएसपी के लिए चयनित हुए।
ट्रेनिंग के पश्चात बतौर प्रशिक्षु इन्हें कोरबा जिला में पदस्थ किया गया। इनकी पहली पोस्टिंग सीएसपी चिरमिरी (कोरिया) के पद पर हुई। वर्ष 2012 इन्हें एसडीओपी दोरनापाल (सुकमा) की जिम्मेदारी दी गई जहां इन्होंने 2015 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2015 में इन्हें सीएसपी सिविल लाइन, रायपुर की जिम्मेदारी दी गई जहां इन्होंने 2017 तक अपनी सेवाएं दी। सिविल लाइन सीएसपी रहते हुए वर्ष 2016 में इनका प्रमोशन हुआ और यह डीएसपी से एएसपी बने। वर्ष 2017 में बतौर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महासमुंद की जिम्मेदारी दी गई जहां इन्होंने वर्ष 2018 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2018 से 2019 तक यह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बलौदाबाजार रहे। वर्ष 2019 में इन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर की जिम्मेदारी दी गई जहाँ यह मार्च 2021 तक अपनी सेवाएं दी। मार्च 2021 में इन्हें मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के गृह जिला दुर्ग की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है।
रायपुर सिविल लाइन सीएसपी रहते हुए इन्होंने राजा तालाब क्षेत्र में गुलाबी गैंग की शुरुआत की जिसमे पांच हजार से अधिक महिलाए जुड़ी और पुलिस के साथ काम की। इसी तरह एसडीओपी चिरमिरी रहते हुए नगर निगम चिरमिरी के चालीस वार्डो से सौ-सौ महिलाओं को जोड़कर पुलिस महिला मित्र का गठन किया।
स्कूल के दिनों में और नौकरी में इन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुका है।
गार्डनिंग करने, व्यायाम करने, क्रिकेट-टेबल टेनिस खेलने, टूरिज्म, गाना सुनने, मूवी देखने और परिवार के साथ समय व्यतीत करने विशेष रुचि रखने वाले एएसपी संजय ध्रुव अपने माता-पिता और महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानते है।
एएसपी ने बताया कि नवोदय विद्यालय में भारत सरकार की एक योजना है कि दूसरे राज्य के ग्रामीण प्रतिभावान छात्र किसी दूसरे राज्य के नवोदय विद्यालय में जाकर पढ़े और वहां की संस्कृति को भी जाने और समझे उसके तहत मेरा चयन कर्नाटक नवोदय विद्यालय के लिए हुआ था, मैं वहां गया और पढ़ाई किया।
एएसपी संजय ध्रुव कन्नड़, हिंदी, इंग्लिश, छत्तीसगढ़ी और गोंडी भाषा के अच्छे जानकार है। इनके पिताजी धमतरी में प्रिंसिपल रहे है और इनकी धर्मपत्नी भी छत्तीसगढ़ पुलिस में इंस्पेक्टर है।
मार्च में दुर्ग जिला में पदस्थ रहे हुए इन्होंने अपने कार्य प्रारंभ किया वैसे ही वैश्विक महामारी कोरोना का दूसरी लहर दुर्ग-भिलाई, छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश भी अपना रौद्र रूप धारण कर लिया, जिसके कारण लॉक डाउन लगाना पड़ा। एएसपी संजय ध्रुव ने लॉक डाउन के पालन कराने हेतु दिन-रात डटे रहे इसी बीच यह भी कोरोना के चपेट में आ गए थे, इलाज करवाये पूरी तरह स्वस्थ हुए और पुनः ड्यूटी ज्वाईन कर सेवा में जुट गए है।

एएसपी शहर संजय ध्रुव ने दुर्ग जिला में लॉक डाउन को 31 मई तक बढ़ाये जाने को लेकर दुर्ग पुलिस की क्या तैयारियां है और जनता से क्या अपील की है देखे सारनाथ एक्सप्रेस से चर्चा…

https://youtu.be/TkvjZlljLaQ

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