रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तमिलनाडु के करूर में राजनीतिक रैली के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस हृदयविदारक घटना में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट करता हूँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे और परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति दे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरे देश की संवेदनाएँ प्रभावित परिवारों के साथ हैं।
ज्ञात हो कि तमिलनाडु के करूर जिले में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में भगदड़ से 31 लोगों की मौत हो गई है। इसमें 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। रैली में भगदड़ की यह पहली घटना नहीं है। बार-बार ऐसे हादसे होने से सवाल उठ रहे हैं कि प्रशासन अब तक सबक क्यों नहीं ले रहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया कि तमिलनाडु के करूर जिले में भगदड़ जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना में लोगों की दुखद मृत्यु के बारे में जानकर दुख हुआ। मैं शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि तमिलनाडु के करूर में एक राजनीतिक रैली के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं इस कठिन समय में उन्हें शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूं। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से बात कर राज्य में मची भगदड़ के बाद की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ज़रूरत पड़ने पर केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
तमिलनाडु के सीएम कार्यालय ने कहा कि करूर त्रासदी में मारे गए लोगों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाएगा। इस घटना की जाँच के लिए सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक जाँच आयोग का गठन किया जाएगा।
















