भिलाई। बीमारी के साथ-साथ बहुत कुछ ज्ञान भी बाट रहा है अगर किसी समाज व वर्ग को गुलाम बनाना हो तो उसे तीन सुविधाओं से वंचित कर दीजिए पहला शिक्षा, दूसरा रोजगार तीसरा चिकित्सा। आज कोरोना तीनो सुविधाओ के ऊपर एक साथ अटैक कर दिया है ये तीनो सुविधाओं के लिए हम मतदान के माध्यम से अच्छे प्रतिनिधि को चुन कर लाते है ताकि समाज का भला हो सके। आज चिकित्सा के क्षेत्र में सुविधा का पोल खोल रहा है। अनेकों प्रकार के चिकित्सा के नाम से भ्रष्टाचार हो रहे है। आज मानव के रूप में लोग दानव हो गए है जिसे हम पहचान नही पा रहे है। दूसरा देश मे शिक्षा का दोगली नीति सरकार के द्वारा चलाई जा रही है। शिक्षा सभी के लिए समान रूप से होनी चाहिए , कोरोना का तीसरा कहर रोजगार के ऊपर हुआ है, जिससे लोग कामधंधा छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए घरों में कैद हैं। एक बीमारी ने सारी दुनिया को नपुंसक बना दिया है। हम पहले से ही शिक्षा, चिकित्सा एवं रोजगार के क्षेत्र में बहुत ही पीछे चल रहे थे। कोरोना हमे और पीछे धकेल दिया है, आइए अब हम सरकारी गाइडलाइंस को ध्यान रखकर कोरोना पर विजय हासिल करें। मैं समस्त सामाजिक व जातिगत व धार्मिक संगठनों से निवेदन करता हूँ कि आपके जाति के नाम से जो भी भवन बना है उसे आप उपयोग में लाइए उसमे क्षमता के हिसाब से बेड की व्यवस्था करें। क्षमता के हिसाब से आक्सीजन मशीन की व्यवस्था तथा भोजन की ब्यवस्था करें, मरीजों को देख रेख करने के लिए क्रमबद्ध तरीके से सेवा दे तभी समाज बनाना सार्थक होगा। एक उदाहरण मैं देना चाहता हूं देश के रक्षा के लिए सीमाओं पर हमारे जवान अपनी सेवा दे रहे है उसी तरह देश के अंदर अब हमें सेवा देने की जरूरत आ पड़ी है, अगर सभी समाज अपने-अपने लिए भी सेवा देना चालू कर दें तो इतनी भीड़ हॉस्पिटलों में नही होगी जब कि अज्ञानता के कारण हम छोटे विमारी को भी बड़ा बना दे रहे है। जिसके चलते आज ज्यादा मौतें हो रही है। दुर्ग जिले में कम से कम लगभग 1000 भवन होंगे अगर एक भवन में 5 मरीज को सेवा करते है तो हॉस्पिटल पर लगभग 5000 मरीजों का दबाव कम हो जाएगा। दुर्ग जिले का भार जिलाधीश डॉ. नरेन्द्र सर्वेश्वर भूरे के कंधों पर है आइए हम सभी अपने समाज के भवनों का सदुपयोग करे तथा कलेक्टर की जिम्मेदारी कुछ अपने कंधों पर लेकर दुर्ग जिला को कोरोना मुक्त करावे। जरूरी नहीं है हम बड़ी सेवा दे छोटी सेवा देकर भी इतिहास के पन्नो पर हम अपने समाज का नाम दर्ज करा सकते है। आज हमारा भोजपुरी परिषद के प्रमुख सदस्यों ने मनवता का संदेश देते हुए वर्ष 2020 की भाति सेवा देने का संकल्प लिया है जिसमे प्रमुख रूप से संजय ओझा, निशिकांत शर्मा, वीरेंद्र यादव, ठाकुर मनोज कुमार सिंह, सुभाष साव, सुभाष शर्मा, गणेश शुक्ला, बीपी सिंह, योगेंद्र पाठक, आर के पोद्दार, पीपी मिश्रा, सुशील शर्मा, घनश्याम सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, हरेंद्र यादव, विनोद सिंह, मृत्यंजय भगत, राधेश्याम यादव, अरुण राय, नंदकिशोर सिंह, त्रिभुवन प्रसाद, मोतीलाल बैठा है। उक्त बातें प्रेसविज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा ने कही।














