BREAKING

खास खबरदुर्ग-भिलाईफीचर्ड

हमारे महापौर और कमिश्नर का अति हो गया है वो अति खत्म होना ही था आज नहीं तो कल : सभापति कृष्णा चंद्राकर

भिलाई 03। गुरुवार को नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा के कर्मचारियों ने वेतन भुगतान समय पर नहीं होने और अन्य राशि कर्मचारियों के खाते में नहीं जमा करने को लेकर निगम में जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इस विषय निगम सभापति कृष्णा चंद्राकर ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि उनका पीड़ा आज उजागर हुआ है, इनलोगों का पीड़ा बहुत पहले से है,बहुत तकलीफ में थे, कई बार मैं महापौर जी और आयुक्त महोदय को बोला हूं इनका ऐसा-ऐसा है। हमारे महापौर और कमिश्नर का अति हो गया है वो अति खत्म होना ही था आज नहीं तो कल।

श्री चंद्राकर ने कहा कि टेबल ट्रांसफर भी किए है तो किसी से सलाह नहीं लिए है, मनमानी ढंग से इधर से उधर टेबल में भेज देते है, जिसको कोई कार्य नहीं आता उनको भी डाल देते है। जो पैसा कर्मचारियों के फंड में जाना था उस पैसे का भी उपयोग कर दिए है। महापौर और आयुक्त को ज्ञान होना चाहिए, संज्ञान होना चाहिए कि हम क्या करके पैसा ला सकते है। उसमें इन दोनों का कोई ये नहीं है की जनता के प्रति, कर्मचारी के प्रति अच्छा कारोबार नहीं है, अच्छा सुलूक नहीं है।

श्री चंद्राकर ने कहा कि मैं कई बार बोला हूं कि प्रतिपक्ष का नेता और हमलोग बैठकर कोई राय बनाए की भिलाई चरोदा निगम में कोई आय बने। जो लोग जमीन को कब्जा किए उसको हमलोग सरकार के रेत पर बेच कर पंद्रह बीस प्रतिशत एबोव जाए। उसमें हमको पांच करोड़ की राशि मिलता, उसको भी आयुक्त और महापौर ने निरस्त कर दिया। किसी का सलाह नहीं चाहते, आज जो आक्रोश है वो इन्हीं लोगों के कारण है कि इन लोग कोई चीज में ध्यान नहीं देते, सिर्फ कुर्सी में आकर बैठकर गोल गोल करके चले जाते है। इसलिए हमारे कर्मचारी में आक्रोश है और इससे ज्यादा आक्रोश प्लेसमेंट कर्मचारी में है, जिसका पेमेंट हमलोग चार चार महीना से नहीं कर पाए है, प्लेसमेंट वालों को डर रहता है कि कुछ किए तो हटा दिए जाएंगे, रेगुलर को तो आप हटा नहीं पाओगे। इसलिए वो लोग डर रहे है, मजबूर है।

श्री चंद्राकर ने कहा कि मैं चाहता हूं कि ये लोग ताला बंद करे और महीनेभर के लिए बंद करे, मैं इनका साथ दूंगा क्योंकि ये जायज चीज है। ये लोग अपने तरीके से मनमानी करते है। जमीन जो लोग कब्जा करके रखे है उसको खाली कराए, उससे राजस्व आयेगा। इनका ध्यान खाली ठेकेदार के ऊपर है कि ठेकेदार क्या कर रहा है क्योंकि ठेकेदार से इनको लाभ है। कर्मचारी और नगर निगम के हित में कोई अच्छा काम नहीं है, मै करचारियों के साथ हूं कभी भी जरूरत होगा मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा।

Related Posts