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भिलाई चरोदा निगम के कर्मचारी से पार्षद पति ने किया गाली गलौज, कर्मचारी ने रोते हुए महापौर को बताई पूरी व्यथा

भिलाई 03। नगर पालिक निगम भिलाई चरोदा का दिन इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है, एक तो वहां के कर्मचारियों को अपने वेतन के लिए इतना इंतजार करना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ पार्षद पतियों द्वारा निगम के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। इस कृत्य में चाय से ज्यादा केतली गर्म वाला मुहावरा चरितार्थ हो रही।

ताजा मामला गुरुवार की शाम को प्रकाश में आया जब निगमकर्मी ने महापौर से रो-रो कर अपनी पूरी व्यथा बताई और विभाग बदले तक की मांग कर दी। महापौर ने उसका ढांढसा बंधाया और पूरे मामले की जानकारी ली।

गुरुवार की शाम नगर पालिका निगम भिलाई चरोदा में कार्य सहायक ग्रेड दो के पद पर पदस्त तोरण चंद्राकर जो कि स्ट्रीट लाइट मेंटनेंस और नया लाइट लगाने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान उनको मोबाइल पर वार्ड 20 पंचशील नगर, चरोदा के पार्षद पति ने तोरण चंद्राकर को कॉल कर धमकाते हुए कहा कि मेरे से पूछे बिना मेरे वार्ड में कैसे काम के लिए भेज दिए, बहुत नेतागिरी कर रहे हो, देख लूंगा तुमको, तेरा ट्रांसफर करवा दूंगा कहते हुए गाली गलौच किया। इससे निगमकर्मी तोरण चंद्राकर बहुत दुःखी हुआ और सीधे महापौर निर्मल कोसरे के कक्ष में पहुंचकर अपनी पूरी व्यथा बताई और बताते हुए रोने लगा, कहा कि मैं इस कार्य को नहीं करूंगा, मुझे दूसरा काम दिया जाए। मै निगम के द्वारा दिए गए कार्यों को बहुत जिम्मेदारी से करते आ रहा हूं, मेरे साथ कभी किसी ने इस तरह की बात नहीं की। इससे मुझे बहुत दुख हुआ है।

वहीं इस मामले में महापौर निर्मल कोसरे ने कहा कि इस तरह का कृत्य बहुत ही गलत है, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को उतावले पन में और आवेश के आकर निगम कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार नहीं करना चाहिए। नगर की समस्याओं को लेकर सबकी जिम्मेदारी बनती है कि सब मिल करके ही समस्याओं का निदान कर पाएंगे।

निगम आयुक्त दशरथ सिंह राजपूत ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, ऐसा काम किसी भी जनप्रतिनिधि को निगम के कर्मचारियों के साथ नहीं करना चाहिए। मै सभी से अपील करता हूं कि निगम कर्मचारियों के साथ अभद्रता नहीं करे, उनका सहयोग करें।

भिलाई चरोदा नेता प्रतिपक्ष राम खिलावन वर्मा ने कहा कि निगम कर्मचारी के साथ गाली गलौच करना गलत है, मै इसका विरोध करता हूं। ऐसा किसी के साथ नहीं होना चाहिए लेकिन निगम द्वारा कर्मचारियों को सिर्फ बंदूक देकर भेज दिया जा रहा है उसमें कारतूस है ही नहीं तो बंदूक चलेगा कैसे? शहर सरकार जनता को मूलभूत सुविधाएं नहीं दे पा रही है, जिसके कारण ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है।

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