नई दिल्ली (ए)। दिल्ली और देश में बिगड़ते हालातों के बीच संपूर्ण लॉकडाउन लगाने की मांग की जा रही है देश के व्यापारिक संगठन जहां राष्ट्रीय लॉकडाउन की मांग कर रहे हैं. वहीं, प्रधानमंत्री से अपील भी की है कि वह दिल्ली को अपने अधीन लेकर यहां पर एक केंद्रीय मंत्री को प्रभारी के तौर पर मनोनीत कर स्थिति को काबू करने का काम किया जाए।
कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा है कि कोरोना से बेहद बिगड़ते हालात और दम तोड़ती चिकित्सा व्यवस्था ने लोगों के मन में कोरोना का एक भय उत्पन्न कर दिया है।
इसको बहुत गंभीर मानते हुए कैट ने हाल ही में ऑनलाइन सर्वे भी किया है। इसमें अधिकांश लोगों ने यह अपनी राय जाहिर करते हुए देश में एक “राष्ट्रीय लॉक डाउन” लगाने की बात कही है। दिल्ली के लिए एक केंद्रीय मंत्री को नोडल मंत्री के रूप में नियुक्त करने की बात भी कही है। कैट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह भी सुझाव दिया है कि यदि राष्ट्रीय लॉक डाउन न लगाना हो तो ऐसे स्थिति में जो राज्य कोरोना से ज्यादा प्रभावित हैं उनमें तुरंत लॉक डाउन लगाया जाए।
कैट ने प्रधानमंत्री मोदी को यह भी आश्वासन दिया है कि राष्ट्रीय लॉक डाउन लगने की स्थिति में पिछले वर्ष की तरह इस बार भी देश के नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में कोई कमी नहीं होने देगा।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की कैट द्वारा कराये गए सर्वे में में दिल्ली और देश के 9117 लोगों ने भाग लेकर अपनी राय जाहिर की है। सर्वे में 78 .2 % लोगों ने कहा है कि कोरोना देश में बेकाबू हो गया है। वहीं, दूसरी ओर 67.5 % लोगों ने देश में एक राष्ट्रीय लॉक डाउन लगाने की वकालत की है। देश भर में 73.7 % प्रतिशत लोगो ने माना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना महामारी से निपटने में सक्षम हैं वहीं, 82.6 % लोगों ने किसी एक केंद्रीय मंत्री को दिल्ली का प्रभारी मंत्री मनोनीत कर कोरोना से निपटने की जोरदार पैरवी भी की है।














