नईदिल्ली (ए)। ऐसा नहीं कि लेफ़्ट और कांग्रेस पश्चिम बंगाल में पहली बार साथ आए हों इससे पहले 2016 का विधानसभा चुनाव भी दोनों पार्टियों ने साथ मिल कर लड़ा था लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में वो अलग हो गए थे। अब 2021 के विधानसभा चुनाव में वो एक बार फिर से साथ चुनाव लड़े और बुरी तरह से हार का सामना कर रहे है। शुरुआती रुझान से लेकर अभी तक एक बार भी किसी सीट पर बढ़त बनाते नही दिखी। कांग्रेस और लेफ्ट का यह मेल इस बार बुरी तरह फ़ेल हो चुका है। यह दोनों पार्टियों के लिए बुरी खबर है ओर इस पर समीक्षा करने की जरूरत है। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की चुनाव दर चुनाव ऐसा हस्र होते जा रहा जो कि उनके लिए गंभीर विषय है वही भाजपा भले ही पश्चिम बंगाल में सरकार नही बना पा रही है पर उसने लेफ्ट, टीएमसी और कांग्रेस के किले में सेंध लगा दी है। बीजेपी इस चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 77 सीटो पर बढ़त बनाई हुई है। वर्ष 2016 में 3 सीट जितने वाली भाजपा मुख्य विपक्षी पार्टी होंगी। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि भाजपा आने वाले समय मे बंगाल फतह कर सकती है।














