उमरी में तैनात तहसीलदार प्रशांत थोराट को ट्रांसफर के बाद विदाई समारोह में कुर्सी पर बैठकर बॉलीवुड गाना गाना भारी पड़ गया. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने इसे अफसरशाही की गरिमा के खिलाफ बताया. मामले की जांच के बाद नांदेड़ कलेक्टर ने रिपोर्ट भेजी और विभागीय कार्रवाई में शनिवार को उन्हें निलंबित कर दिया गया…
नांदेड़ (ए)। महाराष्ट्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रेनापुर के तहसीलदार प्रशांत थोरात को सरकारी कार्यालय में गाना गाने की वजह से निलंबित कर दिया गया है। उनका गाने गाते हुए वीडियो भी वायरल हो रहा है। रेनापुर के तहसीलदार प्रशांत थोरात, जो अपनी विदाई के दौरान सरकारी कार्यालय में कुर्सी पर बैठकर गाना गा रहे थे, को निलंबित कर दिया गया है। वह नांदेड़ जिले के उमरी तहसील कार्यालय में कार्यरत थे। 8 अगस्त को उनका तबादला लातूर जिले के रेनापुर में हुआ था।
8 अगस्त को उमरी तहसील कार्यालय में उनका विदाई समारोह आयोजित किया गया था। इस बार, उन्होंने अपने ही कार्यालय में कुर्सी पर बैठकर गाना गाया। उन्होंने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
सरकार ने नांदेड़ के जिलाधिकारी को उनके कृत्य की जांच के आदेश दिए। नांदेड़ के जिलाधिकारी ने रिपोर्ट दी कि प्रशांत थोरात के कृत्य से सरकार की छवि धूमिल हुई है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके आधार पर, संभागीय आयुक्त ने रेनापुर के तहसीलदार प्रशांत थोरात को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
ये पहली बार नहीं है कि जब किसी सरकारी अधिकारी के ऊपर अनुशासन को भंग करने की वजह से कार्रवाई की गई हो। पहले भी इस तरह के मामले देशभर से सामने आ चुके हैं। पुलिसकर्मियों के रील बनाते हुए कई वीडियो सामने आ चुके हैं, जिसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी हो चुकी है। पता नहीं क्यों सरकारी पद पर बैठे अधिकारियों को ये बात समझ नहीं आती कि सरकारी पद की एक मर्यादा होती है और उसे भंग करने पर जनता का उन पर विश्वास कम होता है। फिलहाल लोगों का कहना है कि इस तरह अनुशासन तोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए।
रिपोर्ट में कहा गया कि थोराट का यह कृत्य महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स, 1979 का उल्लंघन है और इससे प्रशासन की छवि धूमिल हुई है. रिपोर्ट के आधार पर मराठवाड़ा संभाग के राजस्व आयुक्त जितेंद्र पापलकर ने शनिवार को थोराट के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वो अपनी ड्यूटी के दौरान और उससे जुड़े कार्यक्रमों में मर्यादा का पालन करें. ऐसे में आधिकारिक कुर्सी पर बैठकर गाना गाना नियमों के खिलाफ माना गया.
















