भिलाई। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार 29 अप्रैल को प्रदेश के औद्योगिक संगठनों से ऑनलाइन मीटिंग की। मुख्यमंत्री लॉकडाउन में उद्योगपतियों को हो रही परेशानियों से अवगत हुए और उनका सुझाव मांगा। एमएसएमई उद्योग संघ के अध्यक्ष के.के. झा ने ऑक्सीजन सिलेंडर न मिलने से उद्योगों के बंद होने की बात कही. उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगों को ऑक्सीजन प्लांट के प्रोडक्शन का 20% ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए ताकि उद्योग एवं इसमें कार्यरत श्रमिक जिंदा रह सकें।
मीटिंग में उपस्थित उद्योगपतियों ने श्री झा की इस मांग का समर्थन किया। मांगों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उद्योगों को प्रदेश की रीढ़ बताया तथा उद्योगों को 20% ऑक्सीजन सिलेंडर देने सेंट्रल को पत्र लिखने की बात कही. मुख्यमंत्री का कहना था कि उद्योगों की सांस चलेगी तब ही प्रदेश के हर एक की सांस चलेगी।
ऑनलाइन मीटिंग में प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों से औद्योगिक संगठनों को बुलाया गया था जिसमें दुर्ग जिले से एमएसएमई उद्योग संघ ने भाग लिया. संघ के अध्यक्ष के.के. झा ने सर्वप्रथम अपनी बात रखते हुए कहा कि दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमण की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है. जहां रोजाना 25 सौ केस मिल रहे थे वह घटकर अब 1 हजार हो गए हैं. साथ ही दंतेवाड़ा जिला के 115 ग्राम पंचायतों में 100% टीकाकरण कर दिया गया है. श्री झा ने इन दोनों कार्यों के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बधाई दी।
श्री झा ने कहा कि उद्योगों में जितने भी ऑक्सीजन सिलेंडर थे हमने उद्योग विभाग के प्रयास से हॉस्पिटल भिदवा दिए. लॉकडाउन में हम सब आपके साथ हैं। करोना के चैन को तोड़ने दुर्ग जिले में एमएसएमई उद्योगों को बंद करने की भी सोच रहे हैं। श्री झा ने जिला कलेक्टर डॉ स्वेश्वर नरेन्द्र भुरे एवं जिला उद्योग संघ के प्रयास की भी सराहना की और सभी को बधाई दी. श्री झा ने मुख्यमंत्री से कहा कि एमएसएमई उद्योग संघ आपके हर कदम पर साथ है जहां पर भी उद्योग एवं संघ की जरूरत होगी हम तैयार हैं।
श्री झा ने कहा कि पिछले वर्ष प्रदेश में जब उद्योग एवं व्यापार पर संकट आया था तब देश में छत्तीसगढ़ ही एकमात्र ऐसा राज्य था जहां कोई संकट नहीं आया. आपकी सूझबूझ थी कि आपने उसी समय समर्थन मूल्य एवं किसानों की कर्ज माफी का कर दिया. छत्तीसगढ़ एकमात्र ऐसा प्रदेश था जहां उद्योग व्यापार पर कोई आंच नहीं आई. बिजली बिल के भुगतान में भी आपने 1 वर्ष की राहत दी थी।
कोविड लोन ब्याज सहित वसूल रहे बैंक:-
श्री झा ने कहा कि इस बार उद्योग संकट में आ गए हैं. उस समय जो कोविड लोन दिया गया था उसकी वसूली बैंक ब्याज सहित कर रहे हैं. पिछले एक माह से लॉकडाउन की स्थिति है बावजूद बैंक कल 30 अप्रैल को ब्याज सहित पैसा वसूल रहे हैं. हम लोग परेशान हैं उद्योग बंद हो गए हैं. उद्योगों को ऑक्सीजन की जरूरत है. क्योंकि उद्योग एवं मजदूर उसी पर निर्भर हैं। उद्योगपति उद्योग बंद कर बैठे हैं. मानवता के आधार पर जब हॉस्पिटल को ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी हमने दिया लेकिन ऑक्सीजन के बिना 90% उद्योग बंद हो गए हैं।
श्री झा ने बताया कि ईएमआई एवं मोरिटेरियम पीरियड में कोई राहत नहीं है. बैंक वालों का कहना है कि लॉकडाउन केवल प्रदेश में है यदि पूरे भारत में होता तब कुछ राहत मिल सकती थी. श्री झा ने कहा कि पूरा प्रदेश इसकी चपेट में है। अतः आपसे अनुरोध है कि आप सेंट्रल को पत्र लिखें एवं हमारी मांगे उनके समक्ष रखें. उद्योगपतियों से ईएमआई न लिया जाए, मोरिटेरियम पीरियड दिया जाए एवं ऑक्सीजन प्लांट के प्रोडक्शन का 20% ऑक्सीजन उद्योगों को दिया जाए।
ऑक्सीजन का सरप्लस प्रोडक्शन
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्री झा के सुझाव को सराहा एवं कहा कि उद्योगों को 20% ऑक्सीजन मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब हमें ऑक्सीजन की इतनी जरूरत नहीं क्योंकि जितना जितना जरूरत है उससे सरप्लस प्रोडक्शन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वीकारा कि यदि उद्योगों को 20% ऑक्सीजन नहीं मिलेगा तो प्रदेश के उद्योग बर्बाद हो जाएंगे. जब हमारे पास सरप्लस ऑक्सीजन है तो केंद्र सरकार को 100% ऑक्सीजन हॉस्पिटल को देने के नियम को तत्काल खत्म कर 20% ऑक्सीजन उद्योगों को देना चाहिए. इस संदर्भ में वे सेंट्रल को पत्र लिखेंगे. मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि आप लोगों ने इतना बर्दाश्त किया है तो चार-पांच दिन और बर्दाश्त कर लें. उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की कि रायपुर एवं दुर्ग में कोरोना संक्रमण काफी कम हो गया है।
बीएसपी के बढ़ते प्रोडक्शन पर संशय की स्थिति ऑनलाइन मीटिंग में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीएसपी के प्रभारी सीईओ अनिर्बान दासगुप्ता से कहा कि केन्द्र शासन से निर्देश मिला है सौ प्रतिशत ऑक्सीजन अस्पतालों को देना है। ऐसे में प्रदेश के सारे उद्योग बंद हो गए हैं . फिर आपके यहां कैसे प्रोडक्शन बढ़ रहा है. इससे कुछ संशय की स्थिति पैदा हो रही है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि या तो 100% वाले नियम का पालन नहीं किया जा रहा या फिर कुछ न कुछ गड़बड़ है. इस पर प्रभारी सीओ श्री दासगुप्ता ने स्पष्टीकरण देना चाहा लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें स्पष्ट कहा कि हमारे अधिकारी आपसे बात करेंगे और हकीकत का पता लगाएंगे।















