लाल किले से लगातार 12वां भाषण देकर पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में शपथ ग्रहण के बाद आज 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को लगातार 12वीं बार संबोधित किया। इसी के साथ उनके नाम एक खास उपलब्धि दर्ज हो गई…
नईदिल्ली (ए)। 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करने के साथ ही पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। पीएम मोदी अब लाल किले से लगातार भाषण देने के अवसरों के मामले में अब केवल देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से पीछे हैं। बता दें कि स्वतंत्रता दिवस पर पंडित नेहरू ने लगातार 17 बार राष्ट्र को संबोधित किया था।
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कुल 16 भाषण दिए थे। इनमें 11 भाषण लगातार दिए गए थे। गौरतलब है कि इंदिरा गांधी जनवरी 1966 से मार्च 1977 के बीच प्रधानमंत्री रही थीं। अपने दूसरे कार्यकाल में इंदिरा गांधी जनवरी 1980 से अक्तूबर 1984 तक प्रधानमंत्री रहीं। 1984 में इंदिरा गांधी की नृशंस हत्या हुई थी। पीएम मोदी ने पिछले दिनों सबसे अधिक दिनों तक प्रधानमंत्री रहने के मामले में भी इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ दिया था।
दरअसल, नरेंद्र मोदी शुक्रवार को इंदिरा गांधी को पीछे छोड़कर लगातार सबसे लंबे समय तक भारत के प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले दूसरे शख्स बन गए हैं। पीएम मोदी ने शुक्रवार को अपने कार्यकाल के 4,078 दिन पूरे कर लिए।
इंदिरा गांधी 24 जनवरी, 1966 से 24 मार्च, 1977 तक लगातार 4,077 दिनों तक प्रधानमंत्री रही थीं। लगातार तीन लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी को जीत दिलाने के मामले में नरेंद्र मोदी ने जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। नरेंद्र मोदी 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने और 2014 में प्रधानमंत्री पद संभालने से पहले तक इस पद पर बने रहे।
वहीं आजादी के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी हैं। गुजरात में जन्मे नरेंद्र मोदी केंद्र सरकार के मुखिया के रूप में दो पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता भी हैं। ” पीएम मोदी भारत के सभी प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों में से एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने एक पार्टी के नेता के रूप में लगातार छह चुनाव जीते हैं। इसमें 2002, 2007 और 2012 में गुजरात विधानसभा चुनाव और 2014, 2019 और 2024 में लोकसभा चुनाव शामिल हैं।”
















