अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बढ़ोतरी के एलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के लिए किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है चाहे कोई भी कीमत चुकानी पड़े। उन्होंने एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि भारत किसानों मछुआरों और डेयरी किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा…
नईदिल्ली (ए)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ बढ़ोतरी के एलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला रिएक्शन आया है। पीएम मोदी ने परोक्ष रूप से अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करारा जवाब देते हुए कहा कि हमारे लिए, हमारे किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है, चाहे उसके लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े। उन्होंने दो टूक कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करूंगा। हमारे लिए अपने किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत अपने किसानों, पशु पालकों और मछुआरे भाई-बहनों के हितों के साथ कभी भी समझौता नहीं करेगा। मैं जानता हूं कि व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। मेरे देश के मछुआरों के लिए, मेरे देश के पशु पालकों के लिए आज भारत तैयार है।
डोनाल्ड ट्रंप के 50 प्रतिशत टैरिफ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “भारत किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा, भारी कीमत चुकाने को तैयार.” वाले बयान पर देश के किसानों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. अलीगढ़ के एक किसान ने कहा, “पीएम मोदी ने किसानों के लिए कई योजनाएं दी हैं, जिनमें किसान सम्मान निधि, किसानों के लिए क्रेडिट कार्ड शामिल हैं… सभी किसान पीएम मोदी के साथ खड़े हैं, और हम उनके साथ खड़े रहेंगे.” एक अन्य किसान ने कहा, “पीएम मोदी ने जो भी कहा, वह किसानों और देश के हित में है. अमेरिका जो चाहता है, वह हमारे खेतों को नष्ट कर देगा…पीएम मोदी ने जो किया है, वह किसानों के हित में है. इतने विरोध के बाद भी वह हमारे साथ खड़े हैं.”
एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रो. स्वामीनाथन के साथ मेरा जुड़ाव कई वर्षों पुराना है। बहुत से लोग गुजरात के शुरुआती हालातों से वाकिफ हैं। पहले सूखे और चक्रवातों के कारण कृषि को काफी संकट का सामना करना पड़ता था और कच्छ में रेगिस्तान का विस्तार हो रहा था। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब हमने मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर काम शुरू किया था।
तब प्रो. स्वामीनाथन ने इसमें काफी रुचि दिखाई, उन्होंने खुलकर हमें सुझाव दिए और हमारा मार्गदर्शन किया। उनके योगदान के कारण, इस पहल को जबरदस्त सफलता मिली।
पीएम ने आगे कहा, कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनका योगदान किसी एक युग या किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होता। प्रो. एमएस स्वामीनाथन ऐसे ही एक महान वैज्ञानिक थे, भारत माता के सच्चे सपूत। उन्होंने विज्ञान को जनसेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने देश की खाद्य सुरक्षा को अपने जीवन का ध्येय बनाया। उन्होंने एक ऐसी चेतना जागृत की जो आने वाली कई शताब्दियों तक भारत की नीतियों और प्राथमिकताओं का मार्गदर्शन करती रहेगी।
















