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जनहित में शासकीय योजनाओं को नए तरीके से क्रियान्वयन करना ही उद्देश्य : आयुक्त हरेश मंडावी

दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। मैं जब कक्षा आठवी में पढ़ रहा था, तब हमारे गांव में कलेक्टर एसके राजू आये थे, उनकी कार्यशैली और रूतबा देखकर मैं बहुत प्रभावित हुआ। प्रोफेसर सर भी पीएससी का एग्जाम दिला रहे थे, वो भी मुझे बहुत प्रभावित किये और मैंने मन मे ठान लिया था कि प्रशासनिक सेवा में जाऊंगा हालांकि एक बार मैं मेडिकल फील्ड में जाने का सोचा और पीएमटी दिया लेकिन गया नही।
यह सब बातें नगर पालिक निगम दुर्ग के नवपदस्थ आयुक्त हरेश मंडावी ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को और आगे की योजनाओं को हमसे साझा किया।
आयुक्त हरेश मंडावी की प्रारंभिक और हाई स्कूल तक की शिक्षा भानुप्रतापपुर के शासकीय विद्यालय में हुई। इन्होंने हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा नरहरदेव स्कूल से प्राप्त की। वर्ष 2005 में इन्होंने शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कांकेर से स्नातक (बीएससी) की डिग्री हासिल किया। स्नातक के बाद इन्होंने प्राइवेट जॉब करते रहे, इस दौरान इन्होंने एक कम्पनी में हिंदी-इंग्लिश ट्रांसलेटर के पद पर भी काम किया।
वर्ष 2007 में इनका चयन शिक्षाकर्मी वर्ग 2 के लिए हुआ, जहां इन्होंने चार माह नौकरी करके छोड़ दिया तथा सीजीपीएससी की तैयारियों में जुट गए। इनका पहला सीजीपीएससी कम उम्र होने के कारण रिजेक्ट हो गया था। उसके एक साल बाद वर्ष 2008-09 के व्यापम द्वारा लिए गए एग्जाम में इनका चयन फूड इंस्पेक्टर के लिए हुआ। फूड इंस्पेक्टर के पद पर इन्होंने वर्ष 2013 तक अपनी सेवाएं दी तथा नारायणपुर में पदस्थ रहे। मामला न्यायालय में जाने के कारण वर्ष 2008 के सीजीपीएससी का रिजल्ट 2013 में घोषित हुआ जिसमे इनका चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ।
वर्ष 2013 में इनकी पहली पोस्टिंग एसडीएम दंतेवाड़ा के पद पर हुआ, जहां इन्होंने वर्ष 2016 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक यह एसडीएम बालोद के पद पर पदस्थ रहे। अगस्त 2019 में इन्हें नगर निगम अम्बिकापुर का आयुक्त बनाया गया, जहां इन्होंने मार्च 2021 तक अपनी सेवाएं दी। मार्च 2021 में सरकार ने इन्हें नगर पालिक निगम दुर्ग के आयुक्त की अहम जिम्मेदारी दी है जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है।
गाना गाने, गाना सुनने तथा मिसाइलमैन अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानने वाले आयुक्त हरेश मंडावी के अम्बिकापुर पदस्थापना के दौरान अम्बिकापुर को स्वच्छ भारत मिशन के लिए 01 से 10 लाख आबादी वाले देशभर के शहरों में अम्बिकापुर को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ तथा एक लाख की आबादी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।  अम्बिकापुर इंदौर के बाद सबसे स्वच्छ शहर घोषित हुआ था। अम्बिकापुर छत्तीसगढ़ का एक मात्र फाइव स्टार शहर घोषित हुआ था।
आयुक्त हरेश मंडावी ने दुर्ग निगम में किये जाने वाले कार्य योजनाओं को लेकर कहा कि दुर्ग निगम स्वच्छता में पीछे है, इस पर विशेष काम किया जाएगा। स्वच्छता हमारे प्रतिदिन के व्यवहार में जुड़ा है। हम सबको इस पर काम करने की जरूरत है। अम्बिकापुर के अनुभवों का लाभ दुर्ग निगम को मिलेगा। जनसहयोग से स्वच्छता पर विशेष काम करेंगे। जनता के दिलो में इसको लाएंगे की स्वच्छता हमारे लिए बहुत जरूरी है।
यहां के नालियों की स्तिथि काफी खराब है, बरसात के दिनों में काफी दिक्कत होती है उसको सुधारने का काम किया जाएगा। गंदे पानी को कैसे रीयूज कर सके, ट्रीटमेंट करने का प्लान है, इसको दुसरो चीजो में यूज करने का काम करेंगे। ठगड़ा बांध, बस स्टैंड, इंदिरा मार्केट, अमृत मिशन,  ट्रांसपोर्ट नगर आदि पर काम करने का प्लान है जो आगे दिखेगा। आयुक्त हरेश मंडावी ने कहा कि काम करने का उद्देश्य यही रहा है और रहेगा कि कोई भी काम को सामान्य सरकारी काम समझकर ना करते हुए इसमें इंटरेस्ट लेकर नए तरीके से पब्लिक के हित मे करता हूं, नवा चार करतेे हुए करता हूं, जिससे पब्लिक का विश्वास बढ़ता है। यह कह सकते है कि जनहित में शासकीय योजनाओं को नए तरीके से क्रियान्वयन करना ही उद्देश्य है।

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