दुर्ग। दिनांक 09.02.2025 को शहीद हुए पुलिस आरक्षक वसीत कुमार रावटे (आरक्षक क्र. 1688) के परिजनों को पुलिस सैलेरी पैकेज (P.S.P.) दुर्घटना मृत्यु दावा के अंतर्गत 1 करोड़ 10 लाख रुपये क्षतिपूर्ति राशि के रुप में प्रदान किया गया। यह राशि उनकी नामिनी व माताजी देवकी बाई को सौंपी गई।
मंगलवार, 24 जून 2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, एसटीएफ बघेरा दुर्ग में आयोजित एक समारोह में त्रिलोक बंसल पुलिस अधीक्षक एसटीएफ, जयंत वैष्णव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसटीएफ, सतीश धुर्वे, उप पुलिस अधीक्षक एसटीएफ, एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय प्रसाद (आर.बी.ओ.-4, कांकेर) एवं राजहरा शाखा के मुख्य प्रबंधक राकेश घोडेश्वर की उपस्थिति में चेक सौंपा गया।
गौरतलब है कि आरक्षक वसीत कुमार रावटे दिनांक 09.02.2025 को जिला बीजापुर के थाना फरसेगढ़ क्षेत्रान्तर्गत ग्राम टेकमेटा गुट्टा के जंगल पहाड़ में घटित पुलिस नक्सली मुठभेड़ में पुलिस पार्टी नक्सलियों के एम्बुश में फंस जाने पर पुलिस पार्टी को एम्बुश से बाहर निकालने के दौरान अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय देते हुए नक्सलियों की गोली लगने से शहीद हो गये थे।
आरक्षक वसीत कुमार रावटे दिनांक 01.11.2017 से स्पेशल टास्क फोर्स छत्तीसगढ़ में कार्यरत थे। पुलिस विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के तहत यह प्रावधान है कि ड्यूटी के दौरान युद्ध में शहीद मृत्यु होने पर पुलिसकर्मी के परिजनों को अधिकतम 1 करोड़ रुपये का दावा मिल सकता है।
एसबीआई के पुलिस सैलेरी पैकेज के तहत दुर्घटना के कारण मृत्यु, स्थायी पूर्ण विकलांगता अथवा आशिक विकलांगता की स्थिति में अलग-अलग स्तर पर क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाती है। यह योजना पुलिसकर्मियों के सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रही है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ बघेरा दुर्ग ने शहीद आरक्षक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सेवाभाव को स्मरण किया और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने पुलिस विभाग की ओर से हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया।
















