भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साइप्रस का दौरा पूरा हो चुका है। पीएम मोदी का यह दौरा काफी खास रहा और इस दौरान उन्होंने तुर्की को एक कड़ा संदेश भी दिया…
नईदिल्ली (ए)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय अपने पांच दिवसीय विदेश दौरे पर हैं। इस दौरान पीएम मोदी तीन देशों की यात्रा करेंगे, जिसका पहला चरण पूरा हो चुका है। 15-16 जून को पीएम मोदी साइप्रस दौरे पर रहे। 23 सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली यात्रा थी। साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के निमंत्रण पर पीएम मोदी वहाँ गए और उनका शानदार स्वागत हुआ।
साइप्रस की राजधानी निकोसिया में पीएम मोदी ने वहाँ के राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने समेत कई अहम विषयों पर वार्ता की। उन्होंने लिमासोल में पीएम मोदी व्यापार जगत के बड़ी शख्शियतों को संबोधित भी किया। साइप्रस दौरे के दौरान पीएम मोदी ने तुर्की को एक कड़ा संदेश भी दिया।
पीएम मोदी, साइप्रस के राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ निकोसिया में ग्रीन लाइन भी गए। वहाँ से उन्होंने नॉर्थ साइप्रस के उस हिस्से को भी देखा जिस पर पिछले करीब 51 साल से तुर्की ने कब्ज़ा कर रखा है। इस दौरान पीएम मोदी ने तुर्की को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत, अखंड साइप्रस के साथ है। गौरतलब है कि तुर्की ने भी आतंकवाद के मुद्दे पर भारत को समर्थन दिया है।
साइप्रस दौरे के दौरान पीएम मोदी को वहाँ के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस-3’ से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने इस सम्मान को भारत के 140 करोड़ लोगों, देश की संस्कृति, भाईचारे, ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की विचारधारा और भारत-साइप्रस की दोस्ती को समर्पित किया।
















