
रायपुर। सरकार द्वारा गठित दो सदस्यीय मध्यस्ता टीम के सदस्य पद्मश्री धर्मपाल सैनी, गोंडवाना समाज के अध्यक्ष तेलम बोरैया समेत सैकड़ो ग्रामीणों की मौजूदगी में नक्सलियों ने अगवा सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह मनहास को गुरुवार को रिहा कर दिया। रिहाई के बाद मध्यस्थता करने गई टीम अगवा जवान को लेकर बासागुड़ा लौटी। अगवा जवान की रिहाई के लिए मध्यस्ता कराने गयी दो सदस्यीय टीम के साथ बस्तर के 7 पत्रकारों की टीम भी मौजूद रही। नक्सलियों के बुलावे पर जवान को रिहा कराने बस्तर के बीहड़ में वार्ता दल समेत कुल 11 सदस्यीय टीम पहुंची थी।

आपको बता दे कि 03 अप्रैल को जोनागुड़ा में फोर्स और नक्सलियों की मुठभेड़ के बाद अपहृत किए गए जवान राकेश्वर सिंह को नक्सलियों ने छोड़ दिया है। शनिवार को हुए नक्सली हमले में कुल 22 जवान शहीद हो गए और कई जवान घायल हुए। जिनका इलाज जारी है। वही शहीद हुए जवानों में डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा बटालियन के जवान इस घटना में थे। जिसमें से एक जवान लापता था। जो नक्सलियों के चंगुल में था। जिसे रिहा कर दिया गया है। नक्सलियों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार को मध्यस्थता करने की बात कही थी। मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने खुद जानकारी दी थी जवान राकेश्वर सिंह उनके कब्जे में है तथा सकुशल है। नक्सलियों ने जवान का कल ही फोटो जारी कर सकुशल होने का सबूत दिया था।
सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह के परिजनों ने भी प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से आग्रह किया था कि जल्द से जल्द उन्हें रिहा कराई जाए।
शहीद जवानों के श्रद्धांजलि सभा मे गृहमंत्री अमित शाह शामिल होने जगदलपुर पहुंचे थे, उन्होंने अपना असम के चुनावी दौरा बीच मे ही छोड़ वापस दिल्ली आ गए थे। बीजापुर हमले के दौरान नक्सलियों द्वारा अगवा किए गए कोबरा जवान को छोड़े जाने से उनके परिवार में खुशी का माहौल है।
उनकी पत्नी मीनू मन्हास ने बताया, “मैं भगवान का, केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार का, मीडिया और सेना का धन्यवाद करती हूं। आज मेरी जिन्दगी में सबसे खुशी का दिन है।”देखे वीडियो👇
https://youtu.be/PI2pl3g7T6E












