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ASI को ब्लैकमेल करने वाले तीन तथाकथित पत्रकारों पर अपराध दर्ज, सर्व आदिवासी समाज ने पुलिस को दिया समर्थन

कोण्डागांव में आदिवासी समाज के बहुत से ग्रामिणों के साथ हो रहे धोखाधड़ी एवं फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्तियों के ऊपर भी पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है साथ ही साथ पुलिस प्रशासन के मार्गदर्शन में कोण्डागांव जिला में बाहर से आये व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हे कोण्डगांव से बाहर किया जा रहा है, जिसके लिए कोण्डागांव जिला के आदिवासी समाज पुलिस प्रशासन के कार्य की सराहना करते है…

 

 

कोंडागांव। फरसगांव पुलिस ने तथाकथित पत्रकारों पर एएसआई को बदनाम करने की नियत से उसका विडियो वायरल करने की धमकी देकर एक लाख रूपये की अवैध मांग की और पैसे नही देने पर दिनांक 10/05/2025 की शाम को बिना जांच एवं बिना विडियो की पुष्टि किए बैगर वीडियो को वायरल कर दी। जिस पर एएसआई ने फारसगांव थाना में शिकायत की, जिस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 69/25, भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (3) के तहत अपराध दर्ज किया है और मामले की विवेचना कर रही है।

मिली जानकारी के अनुसार आवेदक सहायक उप निरीक्षक उमेश मण्डावी ने शिकायत किया कि अनावेदक रितेश पटेल, रूपेन्द्र कोर्राम व गिरीश जोशी एक साथ मिलकर तीनों दिनांक 10/05/2025 को थाना गये और एएसआई मण्डावी से मिलकर उसके उपर अनावश्यक दबाव बनाकर एवं विभागीय कार्यवाही का डर दिखाकर पैसे मांगने की कोशिश की गई। अनावेदक रितेश पटेल ने एएसआई मण्डावी को फोन लगाकर षड्यंत्रपूर्वक उन्हें थाने से बाहर एकांत में बुलाया ताकि वे अवैध रूप से पैसे की मांग कर सके एवं ऐसा करने से किसी की नजर में न आयें।

प्रकरण में अनावेदक रूपेन्द्र कोर्राम एवं गिरीश जोशी ने स्वयं स्वीकार किया है कि दिनांक 10/05/2025 के 12:18 बजे वे रितेश पटेल के साथ थे। उन्हीं के साथ उपस्थित ज्योति कमलासन के द्वारा मना भी किया कि ऐसा करना गलत है लेकिन उनके बावजूद तीनों के द्वारा एएसआई मण्डावी से मिलकर उसे अनावश्यक दबाव डालकर विडियो वायरल करने की धमकी देकर एक लाख रूपये की अवैध मांग की और पैसे नही देने पर दिनांक 10/05/2025 की शाम को बिना जांच एवं बिना विडियो की पुष्टि किये एएसआई मण्डावी को बदनाम करने की नियत से वह विडियो वायरल कर दी।

सर्व आदिवासी समाज ने पुलिस का किया समर्थन: वही इस मामले के बाद सर्व आदिवासी समाज ने कोंडागांव पुलिस का समर्थन करते हुए पत्र जारी किया है जिसमें स्पष्ट लिखा है कि… आज के दौर में पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन कोण्डागांव जिला के कुछ तथाकथित पत्रकार द्वारा पुलिस प्रशासन एवं पुलिस अधीक्षक की छवि को सोशल मिडिया एवं अन्य संचार माध्यमों से बेबुनियाद प्रचार-प्रसार कर धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। सर्व आदिवासी समाज जिला इकाई कोण्डागांव ऐसे तथाकथित पत्रकारों की घोर निंदा करता है, जो पुलिस प्रशासन एवं पुलिस अधीक्षक की छवि को धुमिल करने का प्रयास कर रहे है।

अतः ऐसे तथाकथित पत्रकार जिन्होने पत्रकारिता की गरिमा को धूमिल करने का काम कर रहे है ऐसे लोग न तो पत्रकारिता के मूल्यो को समझते है और न ही समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाते है, इन्हे जन समस्याओं से कोई मतलब नही है ऐसे पत्रकारों को चिन्हित कर उनके ऊपर नियमानुसार कठोर से कठोर कार्यवाही करने का सर्व आदिवासी समाज जिला कोण्डागांव आपसे निवेदन करता है।

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