रायपुर। प्रार्थी कुशू राम केवट द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में शिकायत की गई थी कि वह अक्टूबर 2008 से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हालाहुली जिला रायगढ़ में कलेक्टर दर पर चपरासी के पद पर पदस्थ है। उसे अक्टूबर 2014 से अप्रैल 2017 तक का वेतन लगभग 02 लाख रुपये नहीं मिलने पर वह माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर की शरण में गया था।
जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा उसके वेतन का भुगतान करने का आदेश जारी किया गया था। वेतन जारी करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायगढ़ के बाबू एम.एफ. फारूखी से मिलने पर उनके द्वारा 20,000 रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।
शिकायत सत्यापन के दौरान आरोपी ने प्रार्थी से 5,000 रूपये ले लिये थे। दिनांक 05.05.2025 को ट्रेप आयोजित कर आरोपी एम.एफ. फारूखी को प्रार्थी से अगली किश्त 10,000 रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।आरोपी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् कार्यवाही की जा रही है।
ईओडब्ल्यू द्वारा अनुपातहीन सम्पत्ति के प्रकरण में चालान पेश: ईओडब्ल्यू के अपराध क्रमांक 44/1995, वारा-13 (1) ई, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 अनुपातहीन सम्पत्ति के प्रकरण में आरोपी डी.डी. भुतडा, तत्का. संयुक्त संचालक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति भोपाल, मध्यप्रदेश के विरूद्ध विवेचना पूर्ण कर माननीय विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.), बिलासपुर में चालान पेश किया गया।
विदित हो कि यह प्रकरण ब्यूरो में वर्ष 1995 में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, भोपाल में दर्ज कर आर्थिक अपराध शाखा, रायपुर को अग्रिम जांच हेतु अधिकृत किया गया था।
आरोपी के निवास स्थान में दिनांक 13.09.1995 को रेड कार्यवाही पश्चात् उसके पास बिलासपुर में एक राईस मिल, कई जमीनें, सोना-चांदी एवं लगभग 5 लाख रूपये नगद इत्यादि सम्पत्ति जप्त की गई थी। विवेचना पश्चात् आरोपी डी.डी. भुतडा के विरूद्ध 303.45% अनुपातहीन सम्पत्ति पायी गई, जिस संबंध में अंतिम प्रतिवेदन पेश किया गया है।
















