BREAKING

देश-दुनियाफीचर्ड

सर्वदलीय बैठक में सरकार को विपक्ष ने दिया समर्थन, रिजिजू बोले- आतंक के खिलाफ देश एकजुट

पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक संसद भवन में हुई है। इस बैठक में सबसे पहले पहलगाम हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया है…

 

 

नईदिल्ली (ए)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक संसद भवन में खत्म हो गई है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के साथ-साथ तमाम दलों के नेता शामिल हुए।

सर्वदलीय बैठक के बाद प्रतिक्रिया देते हुए  केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘रक्षा मंत्री ने सीसीएस की बैठक में पहलगाम में हुई घटना और भारत सरकार की तरफ से की गई कार्रवाई की जानकारी दी। यह घटना बहुत दुखद है। जिससे देश में हर कोई चिंतित है, इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने भी आज और कड़ी कार्रवाई करने की मंशा जाहिर की है।’

इस दौरान किरेन रिजिजू ने कहा, ‘सभी ने इस बात पर सहमति जताई है कि भारत को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए। भारत ने पहले भी आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और आगे भी करता रहेगा। सरकार की तरफ से सर्वदलीय बैठक में इस पर चर्चा की गई है। आईबी, गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने घटना के बारे में जानकारी दी कि घटना कैसे हुई और कहां चूक हुई। सभी दलों ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में वे सरकार के साथ हैं। सभी राजनीतिक दलों ने यह संदेश दिया है और सभी दलों के नेताओं ने एक स्वर में कहा है कि सरकार जो भी कदम उठाएगी, हम उसका समर्थन करेंगे…बैठक सकारात्मक मुद्दे पर समाप्त हुई।

वहीं इस बैठक के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा- सभी ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। विपक्ष ने सरकार को कोई भी कार्रवाई करने के लिए पूरा समर्थन दिया है।

इस बैठक में शामिल होने के बाद बाहर आए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बैठक में मौजूद थे। सभी दलों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। हमने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए’।

वहीं आप सांसद संजय सिंह ने कहा, ‘पूरा देश गुस्से में है, दुखी है और देश चाहता है कि केंद्र सरकार आतंकियों को उनकी भाषा में मुंहतोड़ जवाब दे। जिस तरह से उन्होंने निर्दोष लोगों की हत्या की है, उनके कैंपों को नष्ट किया जाना चाहिए और पाकिस्तान के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए…यह घटना 22 अप्रैल को हुई और 20 अप्रैल को सुरक्षा एजेंसियों की जानकारी के बिना उस जगह को खोल दिया गया…सुरक्षा एजेंसियों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी…हमने मांग की है कि जवाबदेही तय की जानी चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए कि सुरक्षा में चूक क्यों हुई’।

सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के बाद टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा चूक पर चर्चा हुई। हमने सरकार को आश्वासन दिया कि देश के हित में सरकार जो भी निर्णय लेगी, सभी राजनीतिक दल उसके साथ खड़े रहेंगे।’

इस पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘केंद्र सरकार उस देश के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है जो आतंकवादी समूहों को पनाह देता है। अंतरराष्ट्रीय कानून हमें पाकिस्तान के खिलाफ आत्मरक्षा में हवाई और नौसैनिक नाकाबंदी करने और हथियारों की बिक्री पर पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की भी अनुमति देता है। सीआरपीएफ को बैसरन मैदान में क्यों नहीं तैनात किया गया?…त्वरित प्रतिक्रिया दल को वहां पहुंचने में एक घंटा क्यों लगा और उन्होंने लोगों का धर्म पूछकर उन्हें गोली क्यों मारी…कश्मीरियों और कश्मीरी छात्रों के खिलाफ झूठा प्रचार बंद होना चाहिए…मैं जिस तरह से आतंकवादियों ने लोगों का धर्म पूछकर उनकी हत्या की निंदा करता हूं…यह बहुत अच्छी बात है कि सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया है लेकिन हम पानी कहां रखेंगे?…केंद्र सरकार जो भी फैसला लेगी हम उसका समर्थन करेंगे…यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है’।

Related Posts