नईदिल्ली (ए)। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि देश में 230 लोगों को सीआरपीएफ-सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों द्वारा जेड प्लस, जेड और वाई श्रेणियों के तहत सुरक्षा प्रदान की जा रही है। रेड्डी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्राप्त लोगों की केंद्रीय सूची में शामिल व्यक्तियों के समक्ष जोखिम के बारे में केंद्रीय एजेंसियों के आकलन के आधार पर उन्हें सुरक्षा दी जाती है। इसकी समय-समय पर समीक्षा की जाती है। इस आधार पर सुरक्षा कवर जारी रखने, वापस लेने या संशोधित करने का फैसला होता है। मंत्री ने बताया कि मौजूदा में 230 लोगों के नाम इस केंद्रीय सूची में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर इन लोगों की सुरक्षा पर होने वाले खर्च का वहन सरकार द्वारा किया जाता है। हालांकि उन्होंने इस बात का ब्योरा नहीं दिया कि ऐसे लोगों की सुरक्षा पर कुल कितनी राशि व्यय होती है।
आतंकी गतिविधियों में शामिल 42 संगठन प्रतिबंधित
सरकार ने मंगलवार को कहा कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद सहित कुल 42 आतंकी संगठनों को आतंकवाद की गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रतिबंधित किया गया है। जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में बताया कि 2018 से 2020 के बीच जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा 635 आतंकवादियों को मार गिराया गया है, जबकि इसी अवधि में 115 आम लोगों की जान आतंकी हिंसा के कारण गई। मंत्री ने कहा कि 42 संगठनों को आतंकी संगठन घोषित किया गया है। इनका नाम विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1967 की प्रथम अनुसूचि में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत में आतंकवाद को बड़े पैमाने पर सीमा पार से प्रायोजित किया जाता रहा है।
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से 173 लोग अब भी हिरासत में
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अगस्त, 2019 में अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधान हटाए जाने के समय हिरासत में लिए गए 454 लोगों को अब तक रिहा किया गया है। 173 लोग अब भी हिरासत में हैं। रेड्डी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक अगस्त, 2019 के बाद से कई अलगाववादियों, पथराव करने वालों समेत 627 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 454 लोगों को अब तक रिहा किया जा चुका है। मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने सूचित किया है कि इस केंद्रशासित प्रदेश में जन सुरक्षा कानून के तहत कोई भी व्यक्ति नजरबंद नहीं हैं।
देश में 18 महीनों के भीतर 3.17 लाख साइबर अपराध की घटनाएं
पिछले 18 महीनों में साइबर अपराध की 3,17,439 घटनाएं हुई और 5,771 प्राथमिकी ऑनलाइन माध्यम से दर्ज की गई। गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में बताया कि महाराष्ट्र और कर्नाटक साइबर अपराध के मामलों में अग्रणी राज्यों में शामिल रहे। मंत्री ने कहा कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की शुरुआत 30 अगस्त, 2019 को की गई थी ताकि लोगों को सभी तरह के साइबर अपराधों के बारे में रिपोर्ट करने के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस पोर्टल की शुरुआत के बाद साइबर अपराध की 3,17,439 घटनाएं हुई । इन मामलों में 5,771 प्राथमिकियां भी दर्ज की गईं।















