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कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मंजूर की मुआवजा राशि, मृतकों के परिजनों को मिली 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन आपदा और दुर्घटनाओं के मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही है। आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर प्रभावित परिवारों को समय से पहले सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

इसी कड़ी में, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में जान गंवाने वाले जिले के चार मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

ग्राम किरना, तिल्दा निवासी राकेश यादव एवं अमलीडीह, रायपुर निवासी ईश्वर (पानी में डूबने से मृत्यु), लाभांडी, रायपुर निवासी ज्योति निषाद (सर्पदंश से मृत्यु) तथा अमलीडीह, रायपुर निवासी वंदना साहू (आग में झुलसने से मृत्यु) के परिजनों को मुआवजा राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत पहुंचाने की इस पहल से संकटग्रस्त परिजनों को आर्थिक संबल मिलेगा।

मत्स्य निरीक्षक परीक्षा के ऑब्जर्वर्स का प्रशिक्षण सम्पन्न, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश: छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित मत्स्य निरीक्षक भर्ती परीक्षा 23 मार्च 2025 को सुबह 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक रायपुर के 54 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में परीक्षा की निष्पक्षता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

इसी क्रम में आज रेड क्रॉस मीटिंग हॉल में परीक्षा के ऑब्जर्वर्स का प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु नवीन कुमार ठाकुर, अपर कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, वहीं उत्तम प्रसाद रजक और केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को परीक्षा के दौरान सतर्कता बनाए रखने, अनुशासन का पालन कराने और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में बिना वैध मूल पहचान पत्र के या निर्धारित समय के बाद पहुंचने पर प्रवेश न दिया जाए, और परीक्षा का सुव्यवस्थित संचालन निष्पक्षता के साथ सुनिश्चित किया जा सके।

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