भिलाई। बेतहाशा बढ़ते डीजल के दाम के चलते हर गाड़ी मालिक परेशान है, एक तरफ मंदी का मार जहां गाड़ियों के लोड करने के लिए माल की कमी है वहीं दूसरी तरफ डीजल का रेट दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है। हमारा व्यवसाय आवक और जावक के ऊपर निर्भर है, मार्केट में अगर माल ज्यादा है गाड़ी कम है तो भाड़े कुछ बढ़ जाते थे लेकिन अब गाड़ी ज्यादा होने की वजह से माल नहीं मिल रहा है माल मिलता भी है तो रोड के खर्चे ज्यादा है जो गाड़ियां बाहर प्रदेश से आ रही है वे वापसी में माल भरकर किसी भी रेट में चली जाती है। छत्तीसगढ़ की गाड़ियां जो बाहर जाती है तो उन्हें वापसी माल नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते यह व्यवसाय आम आदमी के हाथों से निकलते नजर आ रहा है। आज बेरोजगारी का आलम चरम सीमा पर है लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। केंद्र सरकार ने भी प्रत्येक राज्यों को किलोमीटर के हिसाब से रेट तय करने हेतु निर्देश दिया है लेकिन उस निर्देश को कही पर भी पालन नहीं हो रहा है, जिस तरह ऑटो रिक्शा, बस यात्री भाड़ा यहा तक कि एक बन्द लिफाफे का भी भाड़ा सरकार तय कर रखी है उसी तरह माल वाहक गाड़ियों का भी भाड़ा 1 हफ्ते के अंदर किलोमीटर के हिसाब से चाहे मेटाडोर हो, ट्रक हो, ट्रेलर हो या टैंकर हो तय करें जिसके लिए सभी गाड़ी मालिक दिनांक 22 फरवरी को सुबह 11.30 बजे ज़िलाधीश महोदय को दुर्ग पहुचकर ज्ञापन सौपेंगे ताकि व्यवसाय को बचाया जा सके सरकार को ध्यान रखना चाहिए कि अगर गाड़ी खड़ी होती है तो लाखों लोगों की रोजी रोटी पर खतरा हो जाएगा, अगर सरकार एक हप्ते के अंदर रेट तय नही किया तो हम सभी लोग गाड़ियों की चाभी जिलाधीश महोदय को सौप देंगे। जिसकी जबाबदारी सरकार की होगी।
विनित :-
प्रभुनाथ बैठा
संयोजक
छत्तीसगढ़ ट्रक ट्रेलर ऑनर एसोसिएशन














