प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिवसीय फ्रांस-अमेरिका की यात्रा पर हैं। यात्रा के पहले चरण में उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ ‘एआई एक्शन समिट’ की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कई द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इसके बाद आज वे मार्सिले पहुंचे हैं। जहां प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। फ्रांस के बाद पीएम मोदी अमेरिका रवाना हो जाएंगे। जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी बैठक प्रस्तावित है। गौरतलब है कि ट्रंप के दूसरी बार सत्ता में लौटने के बाद पीएम मोदी का यह पहला अमेरिका दौरा है…
नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हर विदेश यात्रा के दौरान जहां जहां भारतीय जांबाजों के स्मारक हैं वहां उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। फ्रांस की यात्रा के दौरान भी पीएम मोदी आज मार्सिले पहुंचे। इस दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति उनके साथ रहे। यहां वे माजर्गेस युद्ध कब्रिस्तान का दौरा करेंगे। कब्रिस्तान में एक स्मारक है जो विश्व युद्ध के दौरान विदेशी भूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृति का सम्मान करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्सिले पहुंचने के बाद एक्स पर एक पोस्ट भी किया। इसमें उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति मैक्रों और मैं थोड़ी देर पहले मार्सिले पहुंचे। इस यात्रा में भारत और फ्रांस को जोड़ने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे। जिस भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया जा रहा है वह लोगों के बीच संबंधों को गहरा करेगा। मैं प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा।
यह भारत-फ्रांस के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों का प्रमाण है। प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से सैनिकों को उचित सम्मान देते रहे हैं। खासकर उन सैनिकों को जिनके बलिदान को वर्षों से भुला दिया गया है, क्योंकि वे मातृभूमि से बहुत दूर अपने प्राणों की आहुति देते हैं।
नवंबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान, पीएम मोदी ने कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने अपने ऑस्ट्रेलियाई पीएम टोनी एबॉट को सिख रेजिमेंट बटालियनों की एक बेशकीमती संपत्ति मान सिंह ट्रॉफी भी भेंट की थी। मूल रूप से चांदी की यह ट्रॉफी 1919 में ऑफिसर्स मेस 14 (किंग जॉर्ज के अपने) सिखों को प्रदान की गई थी। बटालियन के अधिकारी, जिन्होंने अक्तूबर 1914 से मई 1917 तक मिस्र, गैलीपोली, सिनाई और मेसोपोटामिया में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान यूनिट में सेवा की थी, ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अपने सैनिकों की वीरतापूर्ण कार्रवाइयों की स्मृति में इसे बनाया था। अप्रैल 2015 में, प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के न्यूवे-चैपल में प्रथम विश्व युद्ध स्मारक पर भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। नवंबर 2015 में, उन्होंने सिंगापुर में आईएनए मेमोरियल मार्कर पर श्रद्धांजलि अर्पित की और ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।
मार्सिले पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने होटल में भारतीय प्रवासियों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी एक छोटी बच्ची को पुचकारते और प्यार करते भी नजर आए।
पीएम मोदी के मार्सिले पहुंचने पर वहां रहने वाले भारतीयों में में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। यहां पीएम के स्वागत में खड़ भारतीय समुदाय के एक सदस्य उत्कर्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई, यह फ्रांस के दक्षिणी भाग, मार्सिले का उनका पहला दौरा था। प्रधानमंत्री मोदी ने हमें धन्यवाद दिया क्योंकि हमने उनका इतनी रात तक इंतजार किया… मार्सिले की उनकी यात्रा भारत-फ्रांस संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
















