परीक्षा पे चर्चा के आठवें संस्करण का आयोजन दिल्ली की एतिहासिक सुंदरी नर्सरी में किया गया। इसमें देशभर के अलग-अलग राज्यों से छात्रों ने भाग लिया और पीएम से सवाल पूछे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टूडेंट्स के सवालों के जवाब दिए और उन्हें एग्जाम स्ट्रेस से लड़ने के गुण सिखाए। पढ़ाई के साथ ही पीएम ने एग्जाम वॉरियर्स को व्यावहारिकता का पाठ भी पढ़ाया…
नईदिल्ली (ए)। परीक्षा पे चर्चा 2025 कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार को संपन्न हुआ। परीक्षा पे चर्चा के आठवें संस्करण का आयोजन दिल्ली की एतिहासिक सुंदरी नर्सरी में आयोजित किया गया जिसमें पीएम मोदी ने देशभर के अलग-अलग राज्यों से आये छात्रों से संवाद किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एग्जाम वॉरियर्स (स्टूडेंट्स) द्वारा पूछे गए प्रश्नों का आंसर दिया वहीं अपने कई अनुभवों को साझा करते हुए उन्हें मोटिवेट किया। छात्रों के साथ ही पीएम ने माता-पिता एवं टीचर्स को भी स्टूडेंट्स को मोटिवेट करने का पाठ पढ़ाया।
पीएम ने परीक्षा पे चर्चा में स्टूडेंट्स को डिप्रेशन से लड़ने का तरीका बताया। पीएम ने कहा कि हर बच्चा जब छोटा होता है तो आसानी से अपने माता-पिता एवं अपने बड़ों से अपनी बातों को साझा कर लेता है, लेकिन जैसे-जैसे वे बड़े होते जाते हैं वे अपनी बातें शेयर करने से बचने लगते हैं। उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए। पीएम ने कहा कि स्टूडेंट्स एग्जाम के समय अपनी बातों को जरूर शेयर करें, इससे वे डिप्रेशन से बचे रह सकते हैं।
पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा में स्टूडेंट्स को किताबी कीड़ा न बनने की सलाह दी है। पीएम ने टीचर्स और माता-पिता को अपने बच्चों पर अनावश्यक प्रेशर न देने को कहा है। उन्होंने टीचर्स से पेरेंट्स को सलाह देते हुए कहा कि हो सकता है आपका बच्चा पढ़ाई में अच्छा न हो लेकिन उसमें अवश्य ही एक ऐसा टैलेंट होगा जो उसे आगे बढ़ा सकता है। ऐसे में आप अपने बच्चे की काबिलियत को पहचानें और उसको उस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
पीएम मोदी ने स्टूडेंट्स से बात करते हुए बताया कि एग्जाम के समय अच्छी नींद और अच्छा खाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अगर यह चीजें सही नहीं होंगी तो इसका असर स्टूडेंट्स की तैयारी पर भी दिखाई देगा। अच्छे स्वास्थ्य को पीएम ने सफलता की कुंजी बताया है।
स्टूडेंट्स को पीएम ने ज्यादा से ज्यादा पुराने पेपर्स को हल करने की सलाह दी है। पुराने प्रश्न पत्रों के हल करने से आपको एग्जाम से जुड़ी बारीकियां सीखने को मिलेंगी और इससे आपके अंदर से एग्जाम को लेकर डर भी समाप्त हो जायेगा।
एग्जाम के स्ट्रेस से निपटने के लिए छात्रों को पीएम मोदी ने पढ़ाई पर फोकस करने को कहा। पीएम ने कहा कि जिस तरह बल्लेबाज स्टेडियम में नारे और शोर को अनदेखा करके गेंद पर ध्यान केंद्रित करता है उसी तरह एग्जाम के समय आपको भी केवल पढ़ाई पर ही ध्यान केंद्रित करना है।
बिहार के एक छात्र ने पीएम मोदी से पूछा कि नेतृत्व कौशल कैसे विकसित किया जाए। पीएम मोदी ने कहा कि एक छात्र को खुद को एक उदाहरण के रूप में पेश करना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि दूसरों को समझने, उनकी मदद करने और उनका समर्थन करने में सक्षम होना प्रभावी नेतृत्व के लिए कुछ महत्वपूर्ण कौशल हैं। पीएम मोदी ने कहा, “नेता बनने के लिए टीम वर्क और धैर्य महत्वपूर्ण है।”
एक छात्र द्वारा डांसिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि माता-पिता को यह समझने की जरूरत है कि अगर कोई गतिविधि छात्र को खुश और तनाव मुक्त करती है, तो उसे करना जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों को सिर्फ किताबों तक ही सीमित रहना चाहिए।
एक छात्र ने पीएम मोदी से पूछा कि माता-पिता द्वारा करियर चुनने के दबाव को कैसे मैनेज किया जाए। उन्होंने कहा कि दबाव सामाजिक स्थिति और दूसरे पड़ोसियों से आता है। पीएम मोदी ने माता-पिता से कहा कि वे छात्रों को दूसरों के सामने मॉडल की तरह न खड़ा करें। पीएम मोदी ने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण दिया, जिन्हें शुरुआती दिनों में क्रिकेट में दिलचस्पी थी, जब उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया। पीएम मोदी ने कौशल विकास पर भी अपनी राय साझा की।
परीक्षा पे चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने छात्रों से ध्यान लगाने और पक्षियों, फव्वारों और अन्य चीजों सहित आसपास के वातावरण का निरीक्षण करने को कहा। पीएम मोदी ने छात्रों से प्राणायाम करने और शरीर को नियंत्रित करने की तकनीक साझा करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, छोटे-छोटे कार्यों और लक्ष्यों के माध्यम से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
पीएम मोदी ने अभिभावकों से अपने बच्चों को समझने और उनकी क्षमता को समझने को कहा, चाहे वह खेल में हो या कला में। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों की अन्य छात्रों के साथ तुलना न करने को भी कहा।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल के प्रश्नों को खूब हल करना चाहिए और प्रश्नों पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए। इसलिए अभ्यास बहुत जरूरी है, जिससे आपको अन्य चीजों में पड़ने की जरूरत नहीं होती और छात्र का ध्यान सिर्फ अपनी परीक्षा से संबंधित प्रश्नों पर ही रहता है।
परीक्षा पे चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने छात्रों से बातचीत करते हुए छात्रों को बताया कि परेशानी कहां से शुरू होती है और कब छात्र में तनाव और डिप्रेशन के लक्षण नजर आने लगते हैं। इसके साथ ही पीएम ने छात्रों को टिप्स देते हुए कहा कि, छात्रों को अपने मन की दुविधाओं को लोगों के साथ बांटना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से मन शांत रहता है।
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने छात्रों को तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी और उसके सही इस्तेमाल के बारे में बताया। पीएम मोदी ने कहा कि, टेक्नोलॉजी कोई खतरनाक तूफान नहीं है, जो आपको गिरा देगा। उन्होंने कहा, दुनियाभर में रिसर्च कर रहे लोगों द्वारा टेक्नोलॉजी का आविष्कार आपके अच्छे के लिए होता है, जिसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी के सही इस्तेमाल और समय बर्बाद करने वाली गतिविधियों से बचने के टिप्स दिए।
बोर्ड परीक्षा परिणाम पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, प्रत्येक वर्ष कक्षा 10वीं और 12वीं के लगभग 40-50 प्रतिशत छात्र फेल होते हैं लेकिन इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि यह उनका अंतिम लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि स्कूल और जीवन के बीच सफलता और असफलता के अंतर को समझना जरूरी है। उन्होंने क्रिकेट मैच का उदाहरण देकर छात्रों को बताया कि मैच के बाद सभी खिलाड़ी मैच का फुटेज देखते हैं और अपने द्वारा की गई गलतियों की समीक्षा करते हैं, ताकि आगे वह गलतियां न दोहराई जा सके।
















