दुर्ग। श्री सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर, गंजपारा दुर्ग में माता जी की विशाल प्रतिमा की प्राणप्रतिष्ठा को आज दिनाँक 15 फरवरी को दिनाँक अनुसार 11 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज मंदिर में विशेष आयोजन आयोजित किया गया।
श्री सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर, गंजपारा, दुर्ग में आज 1 दिवस का विशेष आयोजन रखा गया है।
समित्ति के बंटी शर्मा ने बताया कि प्रातः 9 बजे मन्दिर के मुख्य पुजारी सुनील पांडेय द्वारा माता जी का विभिन्न औषधियों एवं सामग्री से धर्मप्रेमियों एवं समिति के सदस्यों की उपस्थिति में महाअभिषेक, हवन, पूजन एवं आरती कराई गयी, जिसमें श्रीमति इंद्राणी कुलेश्वर साहू, (पार्षद) मुख्य यजमान थे।
संध्या 7 बजे 108 पूजा थाल एवं 108 दीपों से माता जी की महाआरती की गयी, जिसमें सभी उपस्थित धर्मप्रेमियों ने अपने हाथों में आरती की थाल लेकर माता जी की आरती की, आरती पश्चात छोटी कन्या माता से केक कटवाया गया, एवं खीचड़ी, हलवा, मिष्ठान, एवं केक का प्रसाद वितरण किया गया।
रात्रि 8 बजे जन समर्पण सेवा संस्था के माध्यम से दुर्ग रेल्वे स्टेशन में समिति के सभी सदस्य उपस्थित होकर 100 गरीब, असहाय, विकलांग एवं जरूरतमंदों को भोजन, मिष्ठान, एवं नमकीन वितरण किया गया।
समिति के शिशु शुक्ला ने बताया कि आज से 11 वर्ष पूर्ण दिनाँक 8 फरवरी से 15 फरवरी 2010 को गंजपारा, दुर्ग में सभी के सहयोग से माँ दुर्गा मंदिर में माता जी की विशाल मूर्ति स्थापित की गयी थी, इस दिनाँक को शुभ मानते हुए प्रतिवर्ष 15 फरवरी को माता जी की मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किया जाता है।
समिति के सदस्य प्रशांत कश्यप ने बताया कि माँ दुर्गा मंदिर का 11 वां वार्षिक उत्सव प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी चैत्र नवरात्र पर्व दिनाँक 13 अप्रैल से 22 अप्रैल तक बड़े धूमधाम से मनाया जावेगा, जिसकी तैयारी की जा रही है, मंदिर परिसर में चैत्र नवरात्र पर्व के लिए ज्योति कलश की बुकिंग प्रारंभ है।
बसंत पंचमी पर आयोजन
श्री सत्तीचौरा माँ दुर्गा मन्दिर में आज दिनांक 16 फरवरी को बंसन्त पंचमी के अवसर पर मंदिर परिसर में प्रातः 11 बजे से माँ सरस्वती जी की पूजा अर्चना, आरती एवं प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों ने माता सरस्वती जी की पूजा अर्चना एवं आरती की, समिति द्वारा उपस्थित सभी स्कूली बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल, रबर, मिष्ठान का वितरण किया गया।
गुप्त नवरात्र पर्व पर मन्दिर में आयोजन
मन्दिर परिसर में दिनांक 12 फरवरी से 21 फरवरी तक माघ माह गुप्त नवरात्र पर्व मनाया जा रहा है जिसमें अखंड ज्योति कलश रखी गयी है, जिसके दर्शन हेतु सैकड़ों धर्मप्रेमी प्रतिदिन मन्दिर आ रहे है।
चार नवरात्र में से दो को प्रत्यक्ष नवरात्र कहा गया है क्योंकि इनमें गृहस्थ जीवन वाले साधना पूजन करते हैं। लेकिन जो दो गुप्त नवरात्र होते हैं, उनमें आमतौर पर साधक सन्यासी, सिद्धि प्राप्त करने वाले, तांत्रिक-मांत्रिक देवी की उपासना करते हैं। हालांकि चारों नवरात्र देवी सिद्धि प्रदान करने वाली होती हैं। लेकिन गुप्त नवरात्र के दिनों में देवी की दस महाविधाएं की पूजा की जाती है, जिनका तंत्र शक्तियों और सिद्धियों में विशेष महत्व है। जबकि प्रत्यक्ष नवरात्र में सांसारिक जीवन से जुड़ी हुई चीजों को प्रदान करने वाली देवी के 9 रूपों की पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्र में अगर आमजन चाहें तो किसी विशेष इच्छा की पूर्ति या सिद्धि के लिए गुप्त नवरात्र में साधना करके मनोरथ की पूर्ण कर सकते हैं।
गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा की दस महाविघाएं की पूजा व साधना की जाती है। इनमें मां कालिके, मां तारा देवी, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी देवी, माता चित्रमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, माता बग्लामुखी, मां कलमा देवी, मां धूम्रवती और मां मांतगी हैं।
कार्यक्रम में अशोक राठी, राजेश शर्मा, बसन्त शर्मा, महेश टावरी, मनोज भूतड़ा, नरेंद्र गुप्ता, महेश गुप्ता, मनोज गुप्ता, पिंकी गुप्ता, निर्मल शर्मा, राजू पुरोहित, राहुल शर्मा, सोनल सेन, सुरेश गुप्ता, रमेश गुप्ता, तारणी ढीमर, सरिता शर्मा, अनिता अग्रवाल, ममता टावरी, मनीषा राठी, आशीष मेश्राम, इंदु भूतड़ा, रेखा रूंगटा, चंचल शर्मा, शशि श्रीवास्तव, कुलेश्वरी जायसवाल, प्रकाश कश्यप, आशीष मेश्राम, दीपक धरमगुढ़ी, रवि राजपूत, संजय सेन, विष्णु गुप्ता, एवं सैकड़ो धर्मप्रेमी और समिति के सदस्य उपस्थित थे।















