कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए इसे गोली के घावों पर पट्टी लगाने जैसा बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच आर्थिक समस्याओं को हल करने के लिए आमूलचूल बदलाव की जरूरत है…
नईदिल्ली (ए)। शनिवार को बजट पेश होने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा- ‘ये गोली के घाव पर पट्टी लगाने जैसा है। वैश्विक अनिश्चितता के बीच आर्थिक संकट को हल करने के लिए एक आदर्श बदलाव की आवश्यकता है।’ राहुल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सरकार विचारों के मामले में खोखली है।
वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार को घेरा है। उन्होंने लिखा, ‘एक मुहावरा इस बजट पर बिलकुल सटीक बैठता है – नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली! पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने मिडिल क्लास से ₹54.18 लाख करोड़ का इनकम टैक्स वसूला है और अब वह 12 लाख तक की छूट दे रहे हैं।’
खरगे ने कहा कि ‘पूरा देश महंगाई और बेरोज़गारी की समस्या से जूझ रहा है, पर मोदी सरकार झूठी तारीफें बटोरने पर उतारू है। बेरोजगारी को कम करने के लिए, नौकरियां बढ़ाने की कोई बात नहीं की गई। कुल मिलाकर ये बजट मोदी सरकार द्वारा लोगों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है।’
खरगे ने कहा, वित्त मंत्री खुद दावा कर रही हैं कि 12 लाख रुपये तक की छूट से सालाना 80 हजार रुपये की बचत होगी, जो कि हर महीने केवल 6,666 रुपये है। इस बीच, पूरा देश महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है। लेकिन मोदी सरकार झूठी तारीफ पाने में व्यस्त है।
वहीं, कांग्रेस ने केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री द्वारा विकास के चार इंजनों की बात कहे जाने को लेकर केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया और कहा कि इतने इंजन हो गए कि बजट पूरी तरह पटरी से ही उतर गया। सीतारमण ने शनिवार को अपने बजट भाषण में कहा कि कृषि, एमएसएमई (सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु उद्योग), निवेश और निर्यात, विकास के चार शक्तिशाली इंजन हैं।
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “वित्त मंत्री ने चार इंजनों की बात की- कृषि, एमएसएमई, निवेश और निर्यात। इतने सारे इंजन हैं कि बजट पूरी तरह से पटरी से ही उतर गया है।” उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ”डॉ. मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे तब अंतरराष्ट्रीय कंपनियां परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम, 2010 चाहती थीं लेकिन अरुण जेटली के नेतृत्व में भाजपा ने इस अधिनियम को नुकसान पहुंचाया था। अब ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप) को खुश करने के लिए, वित्त मंत्री ने अधिनियम में संशोधन करने की घोषणा की है।”
















