BREAKING

Uncategorised

“निरंतर पहल” और “वयं फाउंडेशन” का साझा आयोजन रहा सफल, युवा कवियों को किया गया सम्मानित

रायपुर। साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था “ निरंतर पहल” और सामाजिक सरोकार की संस्था “ वयं फाउंडेशन” के साझा तत्वावधान में अंचल के प्रसिद्ध कवि स्व. बसंत दीवान की स्मृति में युवा कवियों को सहज सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित काव्य गोष्ठी “ नवांकुर ” में उपस्थित प्रतिभाओं ने बहुत दमदार व प्रभावी कविताओं का पाठ किया। युवा कवि श्रेष्ठ धाड़ीवाल की कविता – “तुम चलो, मैं देखता हूँ तुम्हें कौन रोक पायेगा” की कथा वस्तु व उसकी प्रस्तुति के अंदाज को श्रोताओं व चयनकर्ताओं ने बहुत सराहा और श्रेष्ठ प्रथम स्थान पर रहे।
युवा कवयित्री कृति बघेल की माँ पर मार्मिक कविता – माँ का अप्रासंगिक होना और प्रेम में युवाओं के विलग होने के विरह को चित्रित करती कविता जिसे वे युवाओं में हार्ट ब्रेक का चित्रण कहती हैं को भी सभी ने खूब सराहा कृति प्रभावी प्रस्तुति व शिल्प के आधार पर द्वितीय स्थान पर रहीं ।
युवा कवि शुभम चौधरी की कविता – सरहद और प्रेम- काव्य को उनकी प्रस्तुति व कथा वस्तु के आधार पर खूब वाहवाही मिली। उन्हें प्रतिस्पर्धा में तृतीय स्थान मिला।

“निरंतर पहल” के अध्यक्ष समीर दीवान और “वयं फाउंडेशन” की अध्यक्षा आभा बघेल ने बताया कि “नवांकुर” का उद्देश्य इस काव्य गोष्ठी की सफलता से पूरा होता हुआ जान पड़ा जो एक शहर में साहित्य के क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं की खोज की दिशा में एक सुखद व शुभ संदेश है।

विशेष अतिथि हरीश तेजवानी, निकष परमार, निश्चय वाजपेई, प्रज्ञा त्रिवेदी, स्मिता शर्मा ने प्रतिभागी कवियों को प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया। विशेष आमंत्रित वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मी नारायण लाहोटी और छबिलाल साहू ने भी अपनी कवितायें पढ़ीं जिन्हे युवा कवियों ने बेहद सराहा। बालकवि पार्थ गुप्ता ने कोरोना काल की स्थिति पर आधारित कविता आशा की किरण का पाठ करके वाहवाही बटोरी। अंशिका शर्मा, रोशनी मिश्रा, यज्ञसेनी साहू, चंचल शुक्ला और निदा ने अपने-अपने अंदाज में बेहतरीन तरीके से अपनी प्रस्तुतियाँ दीं।
अन्य सहयोगियों अमीषा दीवान, हरप्रीत सिंह, रौनक दास, सुयश राठौर, निसर्ग जैन, व नुक्कड़ कैफे के संचालक प्रियांक पटेल व उनके निष्ठावान कर्मियों को भी दोनों ही संस्थाओं को ओर से प्रमाणपत्र प्रदान कर उनके विशेष सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।

Related Posts