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IAS संजय मल्होत्रा होंगे आरबीआई के नए गवर्नर, शक्तिकांत दास की लेंगे जगह

IAS संजय मल्होत्रा ​​भारतीय रिजर्व बैंक के नए गवर्नर नियुक्त हुए हैं। वह शक्तिकांत दास का स्थान लेंगे। मल्होत्रा ​​1990 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उनके पास आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की डिग्री है। वह प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर्स भी हैं। दास का कार्यकाल मंगलवार को खत्‍म हो जाएगा…

 

नईदिल्‍ली (ए)। संजय मल्होत्रा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए गवर्नर नियुक्‍त किए गए हैं। वह शक्तिकांत दास की जगह लेंगे। दास का कार्यकाल 10 दिसंबर को खत्‍म हो रहा है। मल्होत्रा 1990 बैच के राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। मल्होत्रा आरबीआई के 26वें गवर्नर होंगे। मल्होत्रा का कार्यकाल बुधवार से शुरू होकर तीन साल का होगा। यह नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने की है।

संजय मल्‍होत्रा 1990 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की है। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर्स किया है। उनके पास 33 साल का व्यापक अनुभव है। उन्होंने बिजली, वित्त, कराधान, सूचना प्रौद्योगिकी और खनन जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है।

वर्तमान में वह वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वह इसी मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग में सचिव थे। उनके पास राज्य और केंद्र सरकार दोनों में वित्त और कराधान का अनुभव है।

शक्तिकांत दास 12 दिसंबर 2018 को RBI के 25वें गवर्नर बने थे। उन्होंने उर्जित पटेल के अचानक इस्तीफे के बाद यह पदभार संभाला था। उनका शुरुआती कार्यकाल तीन साल का था। बाद में उन्हें सेवा विस्तार दिया गया, जो मंगलवार को समाप्त हो रहा है।

जब दास ने मिंट स्ट्रीट में पदभार संभाला था, तब बाजार अस्थिर था। पटेल के अचानक इस्तीफे से बाजार में उचल-पुथल मच गई थी। RBI और सरकार के बीच अधिशेष हस्तांतरण के मुद्दे पर मतभेद थे। दास ने बाजार को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अब देखना होगा कि मल्होत्रा RBI के गवर्नर के रूप में क्या नया करते हैं। उनके सामने कई चुनौतियां होंगी। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका अहम होगी। उनकी शिक्षा और अनुभव का लाभ देश को मिलेगा, ऐसी उम्मीद है।

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