

भिलाई। छत्तीसगढ़ ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ऐतिहासिक कार्य कर रही है। लोगों का खुलकर समर्थन मिल रहा है, सभी की सहमति से यूनियन में सिंगल ट्रक मालिक से लेकर बड़े गाड़ी मालिकों को सुविधाएं कैसे प्रदान की जाए। इस पर विशेष ध्यान दिया गया है, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में सबसे ज्यादा मंदी का मार करोना काल के चलते झेलना पड़ा है। बुद्धिजीवी ट्रांसपोर्टरों ने ट्रांसपोर्ट जगत को बचाने हेतु अनूठा पहल की है। सदस्यता अभियान में भारी संख्या में लोग यूनियन के विचारों को सहमति देते हुए सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं, जैसे बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है, उसी तरह बड़े व्यवसाई छोटे व्यवसाई को खा रहा है। ऑनलाइन टेंडर के चलते दूसरे प्रदेश के ट्रांसपोर्टर बहुत ही कम रेट में खुद की गाड़ी चलाने हेतु भिलाई स्टील प्लांट में काम ले रहे हैं तथा स्वयं की गाड़ी से माल परिवहन कर रहे हैं और स्थानीय गाड़ी मालिक देखते रह जा रहा है। एशिया का सबसे बड़ा प्लांट दुर्ग जिले में स्थित है जहां हजारों टन माल का परिवहन होता है। इसके साथ ही एसीसी सीमेंट प्लांट, जेके लक्ष्मी प्लांट के होते हुए स्थानीय गाड़ी मालिकों की भूखे मरने की नौबत आ जाए यह बहुत ही सोचनीय विषय है अगर यूनियन के माध्यम से क्रमबद्ध तरीके से गाड़ियां चलेगी तो स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर ज्यादा मिलेंगे, आज जरूरत है सभी गाड़ी मालिकों में एकजुटता की, तभी हम सभी ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को बचा सकते हैं अगर एकजुट नही हुवे तो एक-एक करके गाड़ियों को बेचना पड़ जाएगा, इसलिए बुद्धिजीवी व समाजसेवी ट्रांसपोर्टरों ने समाज हित में काम कर रहे हैं दोस्तों किसी भी संगठन को चलाने के लिए धनराशि की आवश्यकता पड़ती है चाहे वह राजनीतिक पार्टी हो या गैर राजनीतिक संगठन, बिना धनराशि का चल नहीं सकता और दूसरे से सहयोग लेते ही है। सभी सदस्यों के निर्णय से कुछ सहयोग राशि उसे सहायता राशि भी बोल सकते हैं जमा करने का निर्णय हुआ जो सभी गाड़ी मालिक खुशी से सहयोग कर रहे हैं ये चंदा उगाही नही है, इसी सहयोग राशि से स्टाफ, ऑफिस, बिजली ,साफ सफाई हेतु खर्च किया जा रहा है। कुछ ऐसे असामाजिक तत्व है जो एसोसिएशन को चंदा उगाही का नाम देकर बदनाम करना चाहता है ताकि संगठन टूट जाए और छोटे बड़े का भेदभाव हमेशा बना रहे। बुद्धिजीवी सदस्यों ने आपसी चिंतन कर सबका साथ सबका विकास के तहत काम कर रहे है जब हम एकजुट होंगे तभी सरकार को हम अपनी परेशानियों से अवगत करा सकते है लेकिन हम सरकार से लड़े या अपनों से, कुछ ऐसे स्वार्थी लोग हैं जो इस मिशन को कामयाब नहीं होना देना चाहते, सिर्फ हमारी डफली कैसे बजे पैसे के घमंड में बजाना चाहते हैं ऐसे ही विचार के लोगों ने सैकड़ों सालों तक हिंदुस्तान को एकजुट नहीं होने दिया जिसके चलते सैकड़ों सालों तक हिंदुस्तान गुलाम रहा आज ऐसे लोगों की पहचानने की जरूरत है हम सभी एकजुटता का परिचय देंगे तथा परिवहन कानून को जन-जन तक पहुंचाएंगे, किलोमीटर के हिसाब से डीजल रेट को देखते हुए भाड़े तय करेंगे। क्रमबद्ध तरीके से गाड़ियों की लोडिंग यूनियन के माध्यम से करेंगे ताकि छोटे से छोटे और बड़े से बड़े गाड़ी मालिकों को बराबर माल मिल सके कोई भी सरकारी महकमा अगर अनावश्यक रूप से गाड़ियों से अवैध वसूली करती है तो एसोसिएशन जोरदार विरोध करेगी संगठन की मजबूती के लिए चाहे कुछ भी करना पड़े हम सभी लोग अपने व्यवसाय को बचाने के लिए मर मिटने के लिए तैयार है , एसोसिएशन की सदस्यता अभियान 31 जनवरी तक चलेगा एसोसिएशन के पदाधिकारी समस्त ट्रांसपोर्टरों एवं गाड़ी मालिकों को सूचित कर रहे है कि जिनको भी एसोसिएशन की सदस्यता लेनी हो कृपया 31 जनवरी तक यूनियन का सदस्य बन जाए फिर हम सभी लोग एक परिवार की तरह हम सभी सुख दुख के साथी बनेंगे,एसोसिएशन भिलाई के स्थानीय गाड़ी मालिकों को ध्यान में रखते हुए काम करेगी। अब अकेला रहने का समय नही है ।
धन्यवाद
विनीत
छत्तीसगढ़ ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन









