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अनुशासन में रहकर नियमो का पालन करना और कराना ही मेरा उद्देश्य : मेहरू राम मंडावी

रायपुर (सारनाथ एक्सप्रेस)। पढ़ाई के समय से ही वर्दी पसंद थी, वर्दी पहनने के लिए ही स्कूल समय मे एनसीसी ज्वॉइन किया था। सेना में भी जाने का बहुत प्रयास किया था। काम करने का उद्देश्य यही रहा है कि अनुशासन में रहकर नियमो का पालन करु और करवाउ। शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों की व्यवस्था को करने में सारी शक्तियां लगा देना ही हमारा काम है। यह सब बातें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात, रायपुर मेहरू राम मंडावी ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक सफर को हमसे साझा किया…..

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेहरु राम मंडावी का जन्म ग्राम गाढ़ागौरी तहसील चरामा जिला कांकेर में हुआ था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा (पांचवी तक) ग्राम गाढ़ागौरी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में हुई थी। माध्यमिक शिक्षा (आठवीं तक) की पढ़ाई इन्होंने शासकीय विद्यालय, लीलेझर से पूरी की।
हाईस्कूल और हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा इन्होंने शासकीय विद्यालय, भानुप्रतापपुर से पूर्ण किया।
वर्ष 1986 में इन्होंने शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कांकेर से कॉमर्स विषय में स्नातक की डिग्री हासिल किया।
वर्ष 1986 में इनका चयन सहायक शिक्षक के पद पर हो गया था। सहायक शिक्षक के पद पर इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी।
वर्ष 1987 में इन्होंने सब इंस्पेक्टर के पद के लिए परीक्षा दिया तथा वर्ष 1988 में इनका चयन सब इंस्पेक्टर (सूबेदार) के लिए हो गया।
सागर (मप्र) में प्रशिक्षण के बाद वर्ष 1989 में इन्हें पहली पोस्टिंग जबलपुर ट्रैफिक (सूबेदार) के पद पर मिली, जहां इन्होंने वर्ष 1993 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 1994 में यह कुछ माह के लिए इन्हें रायपुर में पोस्टिंग मिली लेकिन जल्द ही इनका तबादला भोपाल ट्रैफिक के पद पर हुआ, जहां इन्होंने वर्ष 1997 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 1997 में यह प्रमोट होकर आरआई बने साथ ही इनका तबादला दंतेवाड़ा मे हुआ जहां इन्होंने वर्ष 2000 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2000 से 2006 तक यह जांजगीर-चांपा में पदस्थ रहे। वर्ष 2007 से 2008 तक रायपुर में पदस्थ रहे। वर्ष 2008 में इन्हें ट्रैफिक डीएसपी दुर्ग की जिम्मेदारी दी गई जहां यह 2009 तक पदस्थ रहे। वर्ष 2009 से 2012 तक डीएसपी (नक्सल ऑपरेशन) राजनांदगांव में पदस्थ रहे। वर्ष 2012 में इनका तबादला डीएसपी (मुख्यालय) दुर्ग के पद पर हुआ जहां इन्होंने 2014 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2014 में इन्हें प्रमोट कर डीएसपी से एएसपी बनाया गया साथ ही इन्हें चौदहवीं बटालियन, बालोद में डिप्टी कमांडेंड की जिम्मेदारी दी गई जहां इन्होंने मार्च 2019 तक अपनी सेवाएं दी। मार्च 2019 से सरकार ने इन्हें राजधानी रायपुर के ट्रैफिक एएसपी की जिम्मेदारी सौंपी है जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है।
अपने माता पिता को अपना आदर्श मानने वाले एएसपी एमआर मंडावी को खेल-कूद, व्यायाम करने तथा योगा करने में विशेष रुचि है। इनका छोटा भाई भी एएसआई के पद पर कांकेर में पदस्थ है।

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