रायपुर। छतीसगढ़ सरकार ने इस साल 36 राज्य अलंकरण का ऐलान किया है। इसकी जानकारी देते हुए आज डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि इस साल राज्य सरकार इस साल 36 राज्य अलंकरण देगी। कल यानि 6 नवंबर को देश के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राज्य अलंकरण सम्मान प्रदान करेंगे।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले राज्य अलंकर और सम्मानों की घोषणा कर दी है। राजधानी रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में डिप्टी सीएम अरुण साव ने इसकी घोषणा की। राजधानी के तीन पत्रकारों को भी राज्य अलंकरण देने की घोषणा की गई है। इसमें वरिष्ठ पत्रकार भोलाराम सिन्हा (प्रिंट) मोहन तिवारी (इलेट्रानिक) और मुकेश एस. सिंह (प्रिंट अंग्रेजी) का नाम शामिल हैं। भोलराम सिन्हा और मोहन तिवारी को चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, मुकेश एस. सिंह को मधुखर खरे स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
ज्ञात हो कि मुकेश एस. सिंह पत्रकारिता यात्रा का आरंभ अप्रैल 1998 में मध्य भारत के प्रतिष्ठित अंग्रेज़ी समाचार पत्र द हितवाद से एक सर्वेयर के रूप में हुआ। वरिष्ठ पत्रकारों रम्मू श्रीवास्तव और जॉर्ज कुरियन के निर्देशन में उन्होंने स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम किया और शिक्षा बीट को कवर करने का अवसर प्राप्त किया।
छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय, संपादकीय कार्यभार रमेश नैय्यर ने संभाला और उसी दौरान मैंने खेल पत्रकारिता में कदम रखा। राज्य के विभिन्न जिलों में खेल आयोजनों की विस्तृत कवरेज करते हुए उन्होंने खेल पत्रकारिता में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी पुस्तक ए विंडो ऑन स्पोर्ट्स इन छत्तीसगढ़ का विमोचन प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने किया और इसके माध्यम से राज्य में खेल पत्रकारिता को नई दिशा मिली।
2007 में उन्होंने पुनः द हितवाद जॉइन किया, जहाँ नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों और राजनीतिक रिपोर्टिंग में सक्रिय भूमिका निभाई। 2008 में उन्हें मुख्य रिपोर्टर के पद पर पदोन्नत किया गया, जिससे उनकी जिम्मेदारियों में वृद्धि हुई और उन्होंने महत्वपूर्ण खबरों पर विशेष कवरेज करना शुरू किया। इसके बाद 2010 में उन्हें समाचार संपादक के पद पर पदोन्नत किया गया और उनका व्यंग्यात्मक कॉलम लेफ्ट-राइट-लेफ्ट लोकप्रियता प्राप्त कर सका। वर्तमान में केंद्रीय कानून प्रवर्तन, वित्तीय कार्य बल, नागरिक उड्डयन, और वन्यजीव संरक्षण जैसे विषयों में उनकी रुचि है।
ज्ञात हो कि उनका जन्म मुंबई में हुआ किंतु उनकी जड़ें वाराणसी, उत्तर प्रदेश में रही, उनके पिताजी एस. एस. सिंह भारतीय खाद्य निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और उनकी माताजी निर्मला सिंह एक साधारण गृहिणी हैं। शैक्षणिक योग्यता बीसीए और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में उच्च डिप्लोमा है।
अपने पत्रकारिता यात्रा में उन्होंने कई अद्भुत मार्गदर्शक और संपादकों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी प्रतिबद्धता और ईमानदारी को सुदृढ़ किया। इनमें समूह संपादक विजय फणशिकर, रम्मू श्रीवास्तव, जॉर्ज कुरियन, रमेश नैय्यर, स्वर्गीय पं. दीनदयाल पुरोहित, शरत रोटकर, राजेंद्र महांति, आर. कृष्णा दास और मेरे वर्तमान स्थानीय संपादक ई.वी. मुरली का विशेष योगदान रहा है।



















