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मुख्यमंत्री ने अंगार मोती माता को 108 मीटर लंबी लाल चुनरी भेंटकर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धमतरी जिले के प्रसिद्ध अंगार मोती दाई मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने अंगारमोती माता को 108 मीटर लंबी लाल चुनरी भेंट कर उनसे प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या उपस्थित भक्त गण भी मुख्यमंत्री के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगार मोती दाई के प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा है। भक्तगण बड़ी श्रद्धा और मनोकामना के साथ दाई के दरबार में आते है। मां अंगारमोती देवी आदिवासी समाज की प्रथम आराध्य देवी है, जो मन्नत के लिए सुविख्यात है।

मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर मंदिर परिसर स्थित मनकेशरी माता, बूढ़ा देव और भंगाराम बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, टंकराम वर्मा, कांकेर सांसद भोजराज नाग, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, कांकेर विधायक आशाराम नेताम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद की जयंती पर उन्हें किया नमन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वामी आत्मानंद की 6 अक्टूबर को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्वामी आत्मानंद जी का समाज सुधारक और शिक्षाविद् के रूप में छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण योगदान हैं। उन्होंने स्वामी रामकृष्ण परमहंस की भावधारा को छत्तीसगढ़ की धरा पर साकार किया और मानव सेवा एवं शिक्षा की अलख जगाई।

उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुखियों की सेवा में बिता दिया। उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उन पर गहरा असर रहा। उन्होंने मठ और आश्रम स्थापित करने के लिए एकत्र की गई राशि को अकाल पीड़ितों की सेवा और राहत कार्य के लिए खर्च कर दी।

आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबूझमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने के लिए नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ किया। आत्मानंद जी के द्वारा मानव सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य अनुकरणीय और प्रेरणादायक हैं।

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